क्या खत्म होने वाले विवाद को कांग्रेस नेता अजय राय ने भड़काया? CM योगी को शंकराचार्य के चैलेंज की Inside Story

प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और प्रशासन के बीच सुलह की बात लगभग तय थी, लेकिन कांग्रेस नेता अजय राय की मुलाकात के बाद शंकराचार्य का रुख बदल गया. उन्होंने CM योगी को गौ माता को राज्य माता घोषित करने की चुनौती दी, जिससे विवाद नया मोड़ ले गया. यह घटना राजनीतिक दखलंदाजी और धार्मिक-प्रशासनिक तनाव को उजागर करती है.

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद

प्रयागराज माघ मेले में मौनी अमावस्या पर नाराज हुए शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के साथ प्रशासन का विवाद खत्म होने वाला था. दोनों पक्षों में सहमति बन गई थी. शंकराचार्य ने दो शर्तें रखीं थी और प्रशासन ने उसे मान भी लिया था. बस औपचारिक घोषणा बाकी थी. इसके बाद शंकराचार्य को अधिकारी अपने साथ काशी से प्रयागराज ले जाने वाले थे, जहां माघी पूर्णिमा पर शंकराचार्य को स्नान कराया जाता. लेकिन इससे ठीक पहले कांग्रेस नेता अजय राय शंकराचार्य से मिलने विद्यामठ पहुंच गए.

इसके बाद शंकराचार्य का जो बयान आया, उसे सुनकर हर कोई हैरान है. शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने साफ कह दिया कि माघ मेले में स्नान की बात पीछे छूट गई. यह मामला उसी दिन खत्म हो गया, जब उन्होंने प्रयागराज छोड़ दिया. अब तो वह प्रयागराज अगले साल ही स्नान करने जाएंगे. इसी के साथ उन्होंने कहा कि अब मुद्दा गऊ माता हैं. उन्होंने उत्तर प्रदेश के सीएम योगी को चैलेंज करते हुए कहा कि मैंने साबित किया कि मैं शंकराचार्य हूं. अब उन्हें गाय को राज्य माता घोषित कर साबित करना है कि वो असली हिंदू हैं.

ऐसा क्या हुआ कि बदल गया रूख?

माघी पूर्णिमा के स्नान के लिए शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने दो शर्ते रखी थी. सरकार दोनों शर्त मानने के लिए तैयार थी. तय हुआ कि शंकराचार्य को मनाने के लिए लखनऊ और प्रयागराज से दो अधिकारी काशी जाएंगे और पूरे सम्मान के साथ उन्हें माघी पूर्णिमा का स्नान कराएंगे. मेला प्रशासन बटुकों से माफी मांगेगा और एक एसओपी के तहत सभी शंकराचार्यों को स्नान कराएगा. लेकिन कांग्रेस नेताओं के विद्यामठ पहुंचने के बाद दृश्य बदल गया. शंकराचार्य ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दिया कि वह किसी लालच में नहीं आने वाले.

शंकराचार्य ने रखी नई शर्त

शंकराचार्य ने कहा कि हिंदू होने की पहली शर्त है कि गौ रक्षक हों. इसीलिए हम आपसे हिंदू होने का प्रमाण मांग रहे हैं. कहा कि हम आपको 40 दिन का समय दे रहे हैं. यदि आप हिंदू और गौ भक्त हैं तो प्रमाण दीजिए. यदि आप प्रमाण नहीं दे पाते हैं तो समझा जाएगा कि आप नकली हिंदू हैं, छद्म हिंदू हैं, कालनेमि हैं ढोंगी हैं. इस अवधि में आप गौ माता को राज्य माता नहीं घोषित कर पाए और गोमांस पर पूर्ण प्रतिबंध नही लगा पाए तो आपको अहिंदू या छद्म हिन्दू घोषित कर दिया जाएगा.