‘भौतिक रूप से भ्रमण कर SIT जांच प्रभावित न की जाए’, CM योगी के अयोध्या दौरे पर अखिलेश का तंज

अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री के अयोध्या दौरे और उनके भाषण पर तंज कसा है. उन्होंने कहा कि आज के भाषण में धमकी अधिक क्यों थी? साथ ही दौरे को SIT जांच प्रभावित करने की कोशिश बताया. सीएम योगी ने कटाक्ष करते कहा था, जो रामभक्तों पर गोली चलवाते थे, वे रामभक्ति की दुहाई दे रहे हैं.

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव (फाइल फोटो) Image Credit: PTI

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे, जहां वह राम मंदिर में रामलला और हनुमानगढ़ी में दर्शन किए. इस दौरान चढ़ावा विवाद पर विपक्ष को आड़े हाथ लिया. उन्होंने कहा जो कभी रामलला के दर्शन तक करने नहीं आए, वे आज रामभक्ति की बात कर रहे हैं. वहीं, अब समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने उनके दौरै पर तंज कसा है.

कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव ने अपने एक्स पर मुख्यमंत्री के अयोध्या दौरे और वहां दिए गए भाषण पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि आज के भाषण में बयान कम, धमकी अधिक क्यों थी? आज का कार्यक्रम अचानक बना था या जिस दिन SIT बनी थी, उस दिन? साथ ही कहा कि ‘भौतिक रूप से भ्रमण कर SIT जांच प्रभावित करने की कोशिश न की जाए’.

‘भाजपा की राजनीति ज़मीन बचाने के लिए यह दौरा’

अखिलेश यादव ने लिखा, ‘आज का कार्यक्रम अचानक बना था या जिस दिन SIT बनी थी, उस दिन? सूत्र ये क्यों कह रहे हैं कि स्थानीय भाजपाई विधायकों और पदाधिकारियों के कहने पर ये कार्यक्रम अचानक तय किया गया, जिससे कि भाजपा की राजनीति ज़मीन बचाई जा सके नहीं तो अयोध्या मंडल ही नहीं, पूरे उप्र में भाजपा का सूपड़ा साफ़ होना तय है.’

उन्होंने सीएम योगी के अयोध्या दौरे पर कहा कि ‘भौतिक रूप से भ्रमण कर, उस SIT के काम को प्रभावित करने की कोशिश न की जाए, जो पहले से ही विवादास्पद सदस्यों और कलंकित छवि के कारण शंकाओं के घेरे में है.’ साथ ही लिखा, आज वहां चेहरा उतरा हुआ क्यों था? आवाज़ को तो जानबूझकर ऊँची करने का प्रयास पूरा था लेकिन आत्मविश्वास शून्य क्यों था?’

वे न कभी रामभक्त थे और न कभी होंगे- CM योगी

वहीं, मुख्यमंत्री योगी ने अपने भाषण में कहा, कुंभ का प्रभारी किसको बना दिया था सपा के लोगों ने? जो भारत माता को गाली देता हो, वह आपका हितैषी होगा क्या? इनके दोहरे चरित्र को देखिए, जो कभी अयोध्या में रामलला के दर्शन करने नहीं आए. जो भगवान राम के अस्तित्व को मिथक मानते थे. कोर्ट में एफिडेविट दाखिल करते थे. वे रामभक्ति की दुहाई दे रहे हैं.

उन्होंने कहा कि वे न कभी रामभक्त थे और न कभी होंगे. अयोध्या धाम, श्रीराम जन्मभूमि और उसकी परंपरा को बदनाम करने की सुनियोजित साजिश चल रही है. SIT दूध का दूध और पानी का पानी कर देगी. राष्ट्रविरोधी शक्तियों के मंसूबे सफल नहीं होने दिए जाएंगे.  हमें धैर्य रखना चाहिए और किसी षड्यंत्र का हिस्सा नहीं बनना चाहिए.

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