डॉक्टर के बेटे से 8 घंटे तक ATS और IB की पूछताछ, पिता बोले- बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन हो
मुंबई में दर्ज एक आतंकी कनेक्शन वाले रेडिकलाइजेशन मामले में 18 वर्षीय NEET एस्पिरेंट अबु बकर से एटीएस और आईबी ने करीब आठ घंटे तक पूछताछ की. अब NEET एस्पिरेंट अबु बकर के पिता का भी इस मामले में पक्ष सामने आया है. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर ज्यादा एक्टिव रहने के कारण उनका बेटा संदिग्ध हैंडल के सम्पर्क में आया. उन्होंने सरकार से बच्चों के लिए सोशल मीडिया को पूरी तरह से बैन करने की अपील की है.
मंगलवार यानी 14 अप्रैल को वाराणसी के आदमपुर थाना क्षेत्र के पठानी टोला इलाके में रहने वाले डॉक्टर आरिफ अंसारी के घर पर यूपी और महाराष्ट्र एटीएस की टीम आईबी ऑफिसियल के साथ पहुंची थी. डॉक्टर अंसारी के 18 साल के बेटे अबु बकर अंसारी से करीब आठ घंटे तक पूछताछ की थी. अब इस मामले में डॉक्टर आरिफ अंसारी सामने आए हैं और उन्होंने टीवी 9 डिजिटल से बात की है.
सवाल : एटीएस और आईबी की टीम आपके यहां क्यूं आई थी?
जवाब : मेरा बेटा अबु बकर अंसारी सोशल मीडिया पर संदिग्ध हैंडल से डाले गए पोस्ट को लाइक किया और उसपर चैट किया. इसी वजह से एटीएस और आईबी की टीम हमारे यहां आई. मैं ये स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि पूछताछ सिर्फ और सिर्फ मेरे बेटे से हुई है और किसी से नही. आठ घंटे तक चली पूछताछ के बाद उन्होंने मेरे बेटे के दो मोबाइल और एक लैपटॉप लेकर चले गएं. 22 अप्रैल को फिर से पूछताछ के लिए मेरे बेटे को मुंबई बुलाया गया है.
पूछताछ के दौरान सभी का व्यवहार अच्छा था.
सवाल : बेटे ने ऐसा क्यूं किया, आप ने उससे ये जानने की कोशिश की?
जवाब : देखिए मेरा बेटा इसी साल 18 पूरा किया है. वो नीट की तैयारी कर रहा है. लेकिन कुछ महीनों से वो डिप्रेशन में है. स्पेशली नवंबर से फरवरी के बीच वो कुछ ज़्यादा ही डिप्रेस्ड था. दवाइयां भी ले रहा था. सोशल मीडिया पर एक्टिव भी कुछ ज़्यादा ही था. मुझे लगता है कि उसी दौरान वो गलत हैंडलर के सम्पर्क में आया होगा. मुझे ये भी लगता है कि उसका ब्रेन वाश करने की भी कोशिश हुई है.हालांकि 4 मार्च के बाद से उसने सोशल मीडिया से एक दम दूरी बना ली है.
सवाल : क्या आपका बेटा अबु बकर अंसारी धार्मिक प्रवृत्ति का है?
जवाब : बिल्कुल नही, वो नमाज पढ़ता है लेकिन रिलीजियस माइंड सेट का बिल्कुल नही है. मैंने अपने दोनों बच्चों को मदरसे में नही भेजा.दोनों बेटे बनारस के नामी गिरामी कान्वेंट से पढ़े हैं. अबु बकर ने एक साल आकाश से नीट की तैयारी भी की है. अब वो नीट की ऑनलाइन तैयारी कर रहा है. घर पर अरबी पढ़ाने के लिए मैंने आलिम रखा है इसलिए थोड़ी बहुत अरबी जानता भी है लेकिन उर्दू तो बिलकुल नही जानता.
सवाल : बेटा डिप्रेशन में क्यूं गया, संगत का कोई असर है??
जवाब : संगत का असर इसलिए नही हो सकता क्यूंकि उसके कोई ऐसे दोस्त नही हैं जिनके साथ वो अपनी बातें या फीलिंग्स शेयर कर सके. मेरा भी अबु बकर के साथ कम्युनिकेशन गैप है. मेरा बेटा अगर खेलता कूदता तो शायद मेरे परिवार को ये दिन नहीं देखना पड़ता. वो अकेलेपन में सोशल मीडिया पर एक्टिव रहा और इसी वजह से अब इस समस्या में फंस गया.
सवाल : आप को एजेंसियों पर भरोसा है?
जवाब : देखिए मैं एक डॉक्टर हूं. 1995 में मैंने बीआरडी मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस किया. उसके बाद से ही हनुमान फाटक पर मेरी क्लिनिक है. मेरा करियर शानदार रहा है. मैं कभी सपने में भी नही सोच सकता था कि इस तरह की स्थिति बनेगी. मैं सभी लोगों से अपील करता हूं कि अपने बच्चों को सोशल मीडिया से दूर रखें. सरकार को चाहिए कि बच्चों को सोशल मीडिया से दूर रखने के लिए प्रावधान करे. आज मेरा बेटा सोशल मीडिया पर इतना एक्टिव नही रहता तो शायद स्थितियां कुछ और रहतीं.
एजेंसियों पर मुझे पूरा भरोसा है और उनका व्यवहार भी बहुत अच्छा रहा है. हम एजेंसियों को पूरा सहयोग कर रहे हैं. 22 अप्रैल को हम पूछताछ के लिए मुंबई जाएंगे. मैं और मेरा परिवार देश के जिम्मेदार नागरिक हैं और मुझे भरोसा है कि सच सामने आएगा और हम इस समस्या से बाहर निकलेंगे…….
कौन है अबु बकर, जिससे एजेंसियों ने की पूछताछ?
अबु बकर अंसारी डॉक्टर आरिफ अंसारी का बेटा है जो कि इसी साल अठारह की उम्र पूरा किया है.उसके पिता ने बताया कि अबु बकर पढ़ने में एक एवरेज विद्यार्थी रहा है. हाई स्कूल और इंटरमीडियट की पढ़ाई शहर के नामी गिरामी कान्वेंट स्कूलों से हुई है. इंटरमीडिएट के बाद से नीट की तैयारी कर रहा है. एक साल इसने आकाश कोचिंग इंस्टिट्यूट में भी पढ़ाई की है. फिलहाल नीट की ऑनलाइन तैयारी कर रहा है.लिखने पढ़ने वाला लड़का है. ज़्यादा खुला हुआ नही है. फ्रेंड सर्किल भी नही है. सोशल मीडिया पर हाइपर एक्टिव है.
