बनारस में मच गई ‘लूट’! कैमल राइडिंग के नाम पर 200 की जगह महिला से वसूले 15000, वायरल Video
बनारस में पर्यटन के नाम पर लोगों के साथ धोखाधड़ी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां एक महिला पर्यटक को ऊंट की सवारी के नाम पर ठगा गया. ₹200 की जगह उससे ₹15,000 वसूले गए, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस वीडियो पर संज्ञान लेते हुए वाराणसी पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.
एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बनारस में पर्यटन को बढ़ावा देने में जी जान से जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग बनारस की इमेज खराब करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे. बनारस के घाटों से ऐसा ही एक वीडियो सामने आया है. इसमें एक महिला पर्यटक अपना दुखड़ा सुना रही है. वीडियो में यह महिला बता रही है कि उसने कैमल राइडिंग बुक किया था, लेकिन उससे 200 रुपये की जगह जबरन 15000 रुपये वसूल लिए गए.
वायरल वीडियो पर संज्ञान लेकर बनारस पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. वायरल हो रही वीडियो में महिला बता रही है कि उसने बड़े शौक से काशी भ्रमण का कार्यक्रम बनाया था. यहां पहुंचने के बाद उसने बच्चों के साथ कैमल राइडिंग का फैसला किया. इसके लिए गंगा के उस पार रेत पर एक ऊंट वाले से बात की. पहले उसने दो सौ रुपये बताया. उसने हामी भर दिया तो उसने तुरंत रेट बढ़ाकर 500 कर दिया. इसके बाद उसने तीन राउंड लगाए. लेकिन राइड पूरी होने के बाद ऊंट वाले ने जबरन 15 हजार रुपये वसूल लिए.
महिला ने किया सावधान
सोशल मीडिया पर वायरल अपने वीडियो में इस महिला ने काशी घूमने आ रहे अन्य पर्यटकों को सावधान करने की कोशिश की है. वह वीडियो में कह रही है कि गंगा पार रेत में हॉर्स और कैमल राईडिंग को लेकर सचेत रहें. यहां कोई रेट फिक्स नहीं है, प्रति राउंड कितना पैसा कितना लगेगा और राउंड कितनी दूर तक का और कितने समय का होगा? ये सब तय कर के ही राइड लीजिए. अन्यथा राइडिंग कराने वाले झांसे में ले कर आपसे अवैध वसूली कर लेंगे जैसा कि उसके साथ हुआ है.
हरकत में आई पुलिस
महिला अपने वीडियो में कह रही है कि उसने विरोध किया, लेकिन ऊंट वाला नहीं माना. वहां लोगों ने भी विरोध किया और पैसे वापस करने को कहा, लेकिन उसने किसी की नहीं सुनी. हालांकि वायरल वीडियो पर संज्ञान लेते हुए वाराणसी पुलिस हरकत में आ गई है. एसीपी कोतवाली शुभम कुमार सिंह के मुताबिक मामले की जांच कराई जा रही है. उधर, रामनगर एसएचओ ने बताया कि अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है. मामले की जांच कराने के लिए टीम भेजी गई है.