प्रशासन ने 2 मकानों को बताया नजूल प्रापर्टी, मालिक बोले-1927 से काबिज; बनारस दालमंडी में बड़ा बवाल
वाराणसी की दालमंडी में दो मकानों को प्रशासन ने 'नज़ूल संपत्ति' घोषित कर ध्वस्त करने का नोटिस दिया है. मकान मालिक, अश्वनी सिंह और ज़ैद अहमद ने अपने कागजात दिखाते हुए प्रशासन के दावे को चुनौती दी है. वे इसे मनमानी और कोर्ट के आदेश की अवहेलना बता रहे हैं. जबकि प्रशासन इसे केंद्र सरकार की भूमि बता रहा है.
बनारस में दालमंडी को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा. यहां दो मकानों को प्रशासन ने कैसर-ए-हिन्द के प्रापर्टी बताकर मुनादी कराने से नया बवाल शुरू हो गया है. दोनों मकानों के मालिकों ने भी इस मामले में मोर्चा खोल दिया है. कहा कि वह किसी हाल में मकान नहीं देंगे. लोगों ने अपने मकानों के कागज दिखाते हुए प्रशासन पर गुंडई का आरोप लगाया. यह दोनों मकान यहां रहने वाले अश्वनी सिंह और ज़ैद अहमद के नाम बताए जा रहे हैं.
बता दें कि शनिवार की शाम प्रशासन ने दालमंडी में मुनादी कराई थी. इसमें कहा था कि प्लॉट संख्या सीके 39/6 और सीके 39/7 कैसर-ए-हिन्द की जमीन है. इसी के साथ इन दोनों प्लॉट पर बने मकानों को अतिशीघ्र खाली करने को कहा गया था. इसमें चेतावनी दी गई थी कि 12 जनवरी को इन दोनों मकानों पर बुलडोजर चलेगा. अधिकारियों के मुताबिक कैसर-ए-हिन्द शब्द का उपयोग केंद्र सरकार के स्वामित्व वाली भूमि के लिए राजस्व रिकॉर्ड में किया जाता है. जिसका अर्थ है कि यह भूमि अब केंद्र सरकार की संपत्ति है.
मकान मालिकों ने लगाए आरोप
मुनादी के बाद दोनों भवन मालिकों ने मकान के कागज़ और नगर निगम की पक्की नकल दिखाते हुए प्रशासन पर मनमानी का आरोप लगाया. कहा कि न तो प्रशासन नगर निगम के पेपर को मान रहा है और ना ही कोर्ट. अश्वनी सिंह और ज़ैद अहमद ने कहा कि कोर्ट ने इन्हें चार हफ़्ते में जवाब देने को कहा था, लेकिन ये वहां नहीं गए. अब ढाई महीने बाद जबरदस्ती मकान पर कब्ज़ा करने चले आए हैं. ज़ैद अहमद ने कहा कि हमारे पास 1927 से मकान के पेपर्स हैं.
संदेह का लाभ लेना चाहता है प्रशासन
भवन मालिक अश्वनी सिंह ने कहा कि यहां का प्रशासन कोर्ट और नगर निगम से भी ऊपर हो गया हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि प्रशासन आराजी संख्या क्यों नही बता रहा? जानबूझकर आराजी संख्या 79/48 और 79/50 में कन्फ्यूजन पैदा कर संदेह का लाभ लेने की कोशिश हो रही है. उन्होंने कहा कि यदि ये नियमानुसार कहें तो वह मकान छोड़ भी दें, लेकिन चालाकी दिखाएंगे तो ताला बंद कर परिवार के साथ यहां से चला जाऊंगा. उन्होंने कहा कि मामला कोर्ट में है, इसलिए ये लोग मेरा कुछ कर नहीं पाएंगे.
ये है स्थिति
सोमवार को ये दोनों मकान टूटने हैं. इससे पहले ही दोनों मकान मालिकों ने वाराणसी प्रशासन और पीडब्लूडी के ख़िलाफ मोर्चा खोल दिया है. अभी तक दालमंडी में कुल सात मकान तोड़े गए हैं. जबकि बीस से ज़्यादा की रजिस्ट्री हो चुकी है. पचीस से ज़्यादा भवन मालिक रजिस्ट्री के लिए प्रशासन के सम्पर्क में हैं. प्रशासन ने चौड़ीकरण की जद में आ रहे कुल 181 भवन/मकान मालिकों और 6 मस्जिदों को नोटिस दिया है.
