30 जून तक खाली करा लेंगे दालमंडी, मस्जिदों पर एक हफ्ते में फैसला; PWD का दावा

वाराणसी की दालमंडी में सड़क चौड़ीकरण के लिए PWD ने 132 भवनों को ध्वस्त कर दिया है, और 30 जून तक शेष 49 भवन और 6 मस्जिदें खाली कराने का दावा किया है. PWD के अनुसार, दालमंडी को लेकर अब कोई मामला हाईकोर्ट में लंबित नहीं है. मस्जिदों को भूमि के बदले क्षतिपूर्ति दी जाएगी.

दालमंडी चौड़ीकरण में भवन ध्वस्त, मस्जिदों पर फैसला एक हफ्ते में Image Credit:

वाराणसी में पूर्वांचल की सबसे बड़ी होलसेल मार्केट दालमंडी में सड़क चौड़ीकरण को लेकर ध्वस्तीकरण अभियान तेज कर दी दी गई है. गुरुवार को 12 भवनों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हुई. इसके साथ ही अब तक दालमंडी में 132 भवन ध्वस्त हो चुके हैं. अब 49 भवन और आधा दर्जन मस्जिद ही बचे हैं. PWD ने दावा किया है कि 30 जून तक दालमंडी खाली करा लेंगे.

PWD के एक्सईएन केके सिंह ने बताया कि दालमंडी को लेकर अब कोई मामला हाईकोर्ट में लंबित नहीं है. जर्जर भवनों को लेकर कुछ लोग हाईकोर्ट गए थे. हाईकोर्ट ने निर्देश दिया था कि इन लोगों के प्रत्यावेदन सुनकर इनका निस्तारण किया जाए. इस पर एक कमिटी बनी जिसने इन सभी लोगों के प्रत्यावेदन को सुना और फिर उनका निस्तारण भी किया.

’30 जून तक हम दालमंडी खाली करा लेंगे’

केके सिंह ने बताया कि कमिटी ने नगर निगम के कुछ लोगों को और वीडीए के 31 लोगों को नोटिस भी सर्वे कर दिया है. 14/15 जून को नगर निगम द्वारा घोषित जर्जर मकानों पर और 23/24 जून को वीडीए द्वारा घोषित जर्जर मकानों पर कार्रवाई की जाएगी. अब तक 132 भवनों पर कार्रवाई की गई है और 56 करोड़ रूपये मुआवजा दिया गया है.

उन्होंने कहा कि दालमंडी में अब 49 भवन और आधा दर्जन मस्जिद बचे हुए हैं. उम्मीद है कि 30 जून तक हम उनको भी खाली करा लेंगें. दालमंडी में जो आधा दर्जन मस्जिद चौड़ीकरण की जद में आ रहे हैं उनको लेकर एक हफ़्ते में निर्णय हो जाएगा. केके सिंह ने बताया कि प्रशासन और मस्जिद कमिटी के लोगों के बीच लगातार वार्ता चल रही है.

मस्जिदों के बदले हम जमीन नहीं देंगे- PWD

चौड़ीकरण की जद में आ रहे 6 मस्जिद PWD के लिए चुनौति है. इसको लकेर मस्जिद कमेटियों और मुत्वल्लियों को पहले दो प्रस्ताव दिए थे, जिसमें दुसरे जगह नई मस्जिद निर्माण या उसकी कीमत देने की बात कही थी. वहीं, अब एक्सईएन केके सिंह ने दो टूक कह दिया है कि मस्जिद के बदले हम जमीन नहीं देंगे, मस्जिद के बदले क्षतिपूर्ति दी जाएगी.

उन्होंने कहा कि सभी मस्जिदों के पास उनकी अपनी जमीन भी है और ध्वस्तीकरण के बाद भी उनके पास जगह बचेगी. इस चौड़ीकरण में मस्जिदों का 10 से 80% तक का हिस्सा जा रहा है. हम क्षतिपूर्ति देंगे इसका मतलब है कि कंस्ट्रक्शन कॉस्ट जो भी होगा हम देंगे. कारीगर, लेबर या मशीनरी संबंधी जो भी मदद मस्जिद कमिटी के लोग चाहेंगे वो हम पूरी करेंगे.

फैसले से पहले सोशल मीडिया पर निगरानी बढ़ी

दालमंडी में निर्णायक कार्रवाई की तारीख जैसे-जैसे करीब आते जा रही है, वैसे-वैसे दालमंडी में प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है. एसीपी दशास्वमेध अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि मस्जिदों को लेकर कमिटी और प्रशासन के बीच बातचीत अंतिम दौर में है. इसको देखते हुए सोशल मीडिया पर सतर्कता बढ़ा दी गई है. लोकल इन्वेस्टीगेशन को भी अलर्ट कर दिया गया है.

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