सिंगापुर की तर्ज पर बदलेगी काशी, 25,500 करोड़ के दो बड़े एलिवेटेड कॉरिडोर को मंजूरी

मोदी कैबिनेट ने वाराणसी में 25,500 करोड़ के ग्रीनफील्ड एलिवेटेड कॉरिडोर को मंजूरी दी है. यह हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर गंगा-वरुणा पर बनेगा, जिससे एयरपोर्ट से काशी विश्वनाथ तक 15 मिनट में पहुंचा जा सकेगा. यह रामनगर से काशी विश्वनाथ के लिए नया सीधा मार्ग भी बनेगा.

मोदी कैबिनेट ने 25,500 करोड़ के प्रोजेक्ट को दी मंजूरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने वाराणसी के लिए एक बड़ी आधारभूत परियोजना को मंजूरी दे दी है. सिंगापुर की तर्ज पर शहर में गंगा और वरुणा नदी पर करीब 25,500 करोड़ रुपये की लागत से ग्रीनफील्ड एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा. इसके बाद वाराणसी एयरपोर्ट से काशी विश्वनाथ मंदिर तक का सफर महज 15 मिनट में पूरा होगा.

इस परियोजना में गंगा और वरुणा नदी पर दो बड़े एलिवेटेड कॉरिडोर बनाए जाएंगे. पहला 46 किलोमीटर लंबा छह लेन का ग्रीनफील्ड कॉरिडोर राष्ट्रीय राजमार्ग-19 और वाराणसी रिंग रोड को जोड़ेगा. यह परियोजना हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) पर तैयार होगी. इसके अलावा वरुणा नदी पर भी एक आधुनिक एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा.

पर्यटन और व्यापार में बढ़ोतरी की संभावना

एलिवेटेड कॉरिडोर की वजह से वाराणसी एयरपोर्ट से बाबा विश्वनाथ के दरबार तक जाने में महज 15 मिनट जबकि बीएचयू जाने में 20 मिनट लगेंगे. जबकि अभी ये समय करीब 45 मिनट से एक घंटे तक लग जाता है. शहर के बाहर बाहर घाट, बीएचयू, विश्वनाथ मंदिर और सारनाथ पहुंचना आसान हो जाएगा. शहर के ट्रैफिक जाम में बड़ी कमी आएगी.

इस कॉरिडोर के शुरू होने के बाद वाहन लगभग 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सफर कर सकेंगे. अनुमान है कि हर साल करीब 1.25 करोड़ लीटर ईंधन की बचत होगी. साथ ही वाराणसी में पर्यटन में करीब 50 प्रतिशत और व्यापार में 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की संभावना है.

वरुणा नदी पर कनेक्टिविटी कॉरिडोर भी बनेगा

राष्ट्रीय राजमार्ग 19 और वाराणसी रिंग रोड के बीच गंगा पर कनेक्टिविटी के लिए 46 किलोमीटर लम्बा सिक्स लेन हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर प्रस्तावित है. 14,447 करोड़ की लागत से ये बनना है. दूसरा कनेक्टिविटी कॉरिडोर वरुणा नदी पर बनना है.
इस प्रोजेक्ट में फ्लाईओवर, रैंप, लूप, सर्विस रोड और मुख्य कैरिजवे जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल होंगी.

इसे NHAI हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल (HAM) के तहत कुल 10,998.32 करोड़ रुपये की लागत से पूरा करेगा.यह वाराणसी रिंग रोड, वाराणसी एयरपोर्ट, काशी रेलवे स्टेशन, वाराणसी सिटी रेलवे स्टेशन, वाराणसी जंक्शन, दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, रामनगर पोर्ट, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, घाटों और आसपास पहुंच को काफी बेहतर बनाएगा.

काशी विश्वनाथ मंदिर के लिए एक बिल्कुल नया मार्ग

मोदी सरकार ने बाबा विश्वनाथ के दरबार तक पहुंचने के लिए एक नया मार्ग तय किया है. रामनगर की तरफ से एक श्री काशी विश्वनाथ मंदिर तक गंगा पर एक पुल बनाया जाएगा. रामनगर में ही बिहार सरकार ने रामनगर में आठ एकड़ जमीन जो कि बेतिया स्टेट की जमीन थी उसको इस प्रोजेक्ट के लिए यूपी सरकार को सौंप दिया है.

इस में 5000 गाड़ियों की क्षमता वाले मल्टी लेवल पार्किंग का निर्माण कराया जाएगा. बिहार, बंगाल, एमपी, छत्तीसगढ़ और झारखण्ड से आने वाले श्रद्धालु बिना शहर में प्रवेश किए मंदिर जा सकेंगे. मण्डलायुक्त ने बताया कि वाराणसी देश का एक मात्र शहर है जिसके सड़क विकास में 2014 से अब तक 59,500 करोड़ रूपये खर्च किए गए हैं जो कि एक रिकॉर्ड है.

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