वाराणसी में गंगा का रौद्ररूप, सभी 84 घाट जलमग्न, 350 परिवारों ने किया पलायन
वाराणसी में गंगा और वरुणा नदियां खतरे के निशान के करीब बह रही हैं, जिससे बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. गंगा चेतावनी बिंदु पार कर चुकी है और सभी 84 घाट जलमग्न हैं, शवदाह भी छतों पर हो रहा है. जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती इलाकों से 350 परिवारों के लगभग 1500 लोगों को पलायन करना पड़ा है.
वाराणसी में गंगा और उसकी सहायक वरुणा का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ जैसी स्थति बन गई है. गंगा का पानी अब घाटों से निकलकर तटवर्ती इलाकों तक पहुंच गया है. बाढ़ के खतरे को देखते हुए करीब 350 परिवारों के लगभग 1500 लोगों ने अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन किया है. वहीं गंगा की सहायक नदी वरुणा भी उफान पर है.
केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार, दोनों नदियों का जलस्तर 12 घंटे में करीब 30 सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रहा है. आज सुबह 8:00 बजे गंगा का जलस्तर 70.27 मीटर दर्ज किया गया. वाराणसी में गंगा का जलस्तर 70.26 मीटर को वार्निंग लेवल जबकि 71.26 मीटर को डेंजर लेवल माना गया है. लगातार बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है.
सामनेघाट समेत कई इलाकों में पहुंचा पानी
गंगा का जलस्तर बढ़ने से सामनेघाट, पुलकोहना, सलारपुर समेत 10 से ज्यादा तटवर्ती इलाकों में में बाढ़ का पानी पहुंच गया है. इन इलाकों में रहने वाले परिवारों को बाढ़ का खतरा देखते हुए सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है. करीब 350 परिवारों के 1500 लोग अपना घर छोड़ चुके हैं. कई परिवार पिछले कुछ दिनों से राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं.
अस्सी घाट की गलियों तक पहुंचा गंगा का पानी
गंगा के बढ़ते जलस्तर से काशी के घाटों की तस्वीर बदल गई है. इस समय काशी के सभी प्रमुख घाट पानी में डूब गए हैं. अस्सी घाट पर होने वाला सुबहे बनारस का आरती स्थल और यज्ञ शाला पूरी तरह से डूब गए हैं. वहीं, मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर जलस्तर बढ़ने के कारण शवों का अंतिम संस्कार छत और गलियों में किया जा रहा है.
पुराने अस्सी घाट की गलियों तक गंगा का पानी पहुंच चुका है. गंगा के बढ़ते जल स्तर का असर उसकी सहायक नदी वरुणा पर भी दिखाई दे रहा है. वरुणा का पानी तेजी से तटवर्ती इलाकों में फैल रहा है. पुलकोहना और सलारपुर में स्थिति अधिक गंभीर है. कई परिवारों को एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर बाढ़ राहत शिविरों में शिफ्ट किया गया है.
बाढ़ चौकियां अलर्ट, शिविर में रहने की व्यवस्था
प्रशासन की तरफ से जानकारी दी गई है कि सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है. चित्रकूट इंटर कॉलेज बाढ़ चौकी में रह रहे 60 लोग और बगवानाला नक्कीघाट क्षेत्र में बनी बाढ़ चौकी में 60 लोग गुजारा कर रहे हैं. इसमें 26 पुरुष, 25 महिलाएं और 9 बच्चे हैं. शिविर में रहने वालों ने बताया कि उन्हें समय से खाना और दवा मुहैया कराई जा रही है.
बाढ़ शिविर में एक नाविक, एक पशुधन प्रसार अधिकारी, दो डॉक्टर, क्षेत्रीय पार्षद, थाना और चौकी प्रभारी के साथ एक बाढ़ चौकी प्रभारी की तैनाती की गई है. गंगा और वरुणा के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन तटवर्ती इलाकों पर नजर बनाए हुए है.