वाराणसी में पल्लवी पटेल गिरफ्तार, नीट पेपर लीक पर प्रदर्शन के लिए चेहरा छुपाकर पहुंची थीं BHU
वाराणसी पुलिस ने अपना दल (के) की MLA पल्लवी पटेल और उनके समर्थकों को हिरासत में लिया है. वह कथित NEET पेपर लीक के विरोध में बीएचयू सिंह द्वार पर चेहरा छुपाकर प्रदर्शन के लिए पहुंची थीं. इस दौरान योगी सरकार और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई.
वाराणसी पुलिस ने सोमवार को अपना दल (कमेरावादी) की राष्ट्रीय नेता डॉ. पल्लवी पटेल को उनके सैंकड़ों समर्थकों से साथ गिरफ्तार किया है. वह नीट पेपर लीक के विरोध में BHU सिंह द्वार पर प्रदर्शन करने पहुंची थीं. इस प्रदर्शन को लेकर पुलिस-प्रशासन पहले से अलर्ट मोड में था. सिंह द्वार समेत आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल को तैनात किया गया था.
प्रशासन द्वारा डॉ. पल्लवी पटेल को BHU पहुंचने से रोकने के लिए पहले से व्यापक इंतजाम किए गए थे, लेकिन वह चेहरा छुपाकर दोपहिया वाहन से BHU सिंह द्वार पहुंचने में सफल रहीं. उनके पहुंचते ही कार्यकर्ता मौके पर एकत्र हो गए और जमकर नारेबाजी शुरू कर दी. वहीं, पुलिस ने सैकड़ों समर्थकों संग पल्लवी पटेल को हिरासत में ले लिया है.
ज्ञापन देने से इनकार, प्रदर्शन पर अड़ी रहीं
प्रदर्शन के दौरान डॉ. पल्लवी पटेल ने नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में व्याप्त अनियमितताओं को लेकर राज्य और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने से युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो रहा है, लेकिन सरकार इस गंभीर मुद्दे पर प्रभावी कार्रवाई करने में विफल साबित हो रही है.
प्रदर्शन स्थल पर मौजूद डीसीपी काशी जोन गौरव बंसवाल ने डॉ. पल्लवी पटेल से वार्ता कर उनकी मांगों के संबंध में ज्ञापन लेने का प्रस्ताव रखा. लेकिन डॉ. पल्लवी पटेल ने ज्ञापन देने से इनकार कर दिया और अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम पर अडिग रहीं. जानकारी के अनुसार, डीसीपी काशी जोन द्वारा दो चरणों में वार्ता की गई, लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी.
हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया गया
वहीं, BHU सिंह द्वार पर स्थिति को देखते हुए पुलिस ने कार्रवाई करते हुए महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में डॉ. पल्लवी पटेल और उनके 100 से ज्यादा समर्थकों को हिरासत में ले लिया. गिरफ्तारी के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी जारी रखी. इसके बाद डॉ. पल्लवी पटेल और उनके समर्थकों को दो वाहनों के माध्यम से पुलिस लाइन भेज दिया गया.
घटना के बाद भी सुरक्षा की दृष्टि से बीएचयू सिंह द्वार और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा. वरिष्ठ पुलिस अधिकारी लगातार स्थिति की निगरानी करते रहे ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो सके. नीट पेपर लीक को लेकर हुए इस प्रदर्शन ने एक बार फिर युवाओं के भविष्य को लेकर राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है.