शंकराचार्य पर FIR के बाद वाराणसी पहुंची प्रयागराज पुलिस, अविमुक्तेश्वरानंद बोले- भरोसा नहीं है
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद प्रयागराज पुलिस की एक टीम वाराणसी पहुंची है. इस पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की प्रतिक्रिया भी सामने आई है. उन्होंने कहा कि ' उन्हें भाजपा शासित राज्य की पुलिस पर भरोसा नही. गैर भाजपा शासित राज्य पुलिस इस मामले की जांच करे. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जांच के लिए कोई भी पुलिस आए हम पूरा सहयोग करेंगे'.
प्रयागराज में एक नाबालिग के यौन शोषण के मामले में ज्योतिष पीठाधीश्वर एवं शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी खिलाफ प्रयागराज पॉक्सो कोर्ट की आदेश के बाद FIR दर्ज किया गया था. हाई प्रोफाइल केस होने के चलते पुलिस ने इस मामले में 5 सदस्यीय विशेष जांच टीम गठित की है. इन सबके बीच झुंसी पुलिस की एक टीम पीड़ितों और संबंधित पक्षों का बयान दर्ज करने वाराणसी पहुंची है.
‘भाजपा शासित राज्य की पुलिस पर भरोसा नहीं’
झुंसी की एक पुलिस टीम के वाराणसी पहुंचने के बाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने कहा कि ‘ उन्हें भाजपा शासित राज्य की पुलिस पर भरोसा नही. गैर भाजपा शासित राज्य पुलिस इस मामले की जांच करे. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जांच के लिए कोई भी पुलिस आए हम पूरा सहयोग करेंगे’.
‘सनातन में कालनेमी, राहू और रावण का होगा पर्दाफाश’
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने आगे कहा कि सनातन में कालनेमी, राहू और रावण तीन तरह के छद्म वेशी हैं. समय पर सबका पर्दाफाश होगा. उन्होंने कहा कि फिलहाल, गिरफ्तारी की स्थिति तो नही है. लेकिन फिर भी गिरफ्तार किया जाता है तो ये कालनेमी की शंकराचार्य को अपमानित करने वाला प्रयास होगा. हमारी गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध की हमारी मांग को दबाने के लिए सरकार का ये कुत्सित प्रयास है.
‘मौनी अमवस्या के बाद शिविर में प्रवेश ही नहीं किया’
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि मौनी अमवस्या की घटना के बाद से हमने शिविर में प्रवेश किया ही नहीं. सीसीटीवी के जद में रहे और मीडिया के कैमरे के सामने रहे हैं. आरोप लगाने वाले बच्चे ना तो हमारे विद्यार्थी रहे हैं, ना ही शिविर में रहे हैं. प्रश्न यह है कि यह बच्चे कौन हैं, कहां से आए हैं. ये शंकराचार्य संस्था का अपमान है.
‘चोट किसी को लगी और मरहम किसी और को’
वहीं, प्रयागराज की झुंसी पुलिस पर जिन वैष्णव आनंद ब्रह्मचारी की शिखा खींचने और अपमान करने का आरोप लगा, वह भी मीडिया के सामने आए. टीवी9 से वैष्णव आनंद ब्रह्मचारी ने कहा कि चोट किसी और को लगी और मरहम किसी और को लगाया जा रहा है. सरकार पहले शिखा खींच के अपमान करती है और फिर दूसरे बटुकों का सम्मान करती है, ये राजनीति नही है तो और क्या है.
‘ईश्वर सब देख रहा है न्याय होगा’
वैष्णव आनंद ब्रह्मचारी ने आगे कहा कि पहले शिखा खींच के ब्राह्मण और सनातन का अपमान किया. फिर हमारे गुरु और शंकराचार्य की पवित्र पीठ को भी अपमानित किया. ईश्वर सब देख रहा है न्याय होगा. बता दें माघ मेले में मौनी अमावस्या के स्नान के दौरान प्रयागराज प्रशासन और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के बीच विवाद हो गया था.