‘दम है तो गोरखपुर से चुनाव लड़कर दिखाएं’, अखिलेश के तंज पर अब स्मृति ईरानी की सीधी चुनौती
बीजेपी नेता स्मृति ईरानी ने अखिलेश यादव के 'सास-बहू' तंज पर बड़ा पलटवार किया है. उन्होंने सपा प्रमुख को सीधी चुनौती देते कहा कि, अगर उनमें दम है तो वह पैतृक सीट छोड़कर गोरखपुर से चुनाव लड़कर दिखाए. जिन्हें राजनीति विरासत में मिली है, वे कामकाजी महिला के संघर्ष को नहीं समझ सकता.
पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता स्मृति ईरानी ने शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर हमला बोला है. स्मृति ईरानी ने अखिलेश यादव के ‘सास-बहू’ तंज पर पटलवार करते कहा कि पैतृक सीट से चुनाव लड़कर जीतना और सदन में ठहाके लगाना ये बहुत आसान है. अगर उनमें दम है तो गोरखपुर से चुनाव लड़कर दिखाएं.
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने 16 अप्रैल को महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक पर चर्चा के दौरान स्मृति ईरानी पर बिना नाम लिए तीखा तंज कसा था. उन्होंने कहा था कि ‘आपकी वो सास-बहू वाली तो हार गईं’. वहीं, इसपर बीजेपी के पूर्व सांसद स्मृति ईरानी ने कहा कि जिन्हें राजनीति विरासत में मिली है, वे कामकाजी महिला के संघर्ष को नहीं समझ सकते.
‘मैंने कांग्रेस अध्यक्ष के गढ़ में घुसकर उनको हराया’
पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने नारी वंदन अधिनियम पर प्रेस से बातचीत में सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर हमला बोला है. अमेठी से पूर्व सांसद ने कहा, ‘मैं एक कामकाजी महिला थी और मैंने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के गढ़ में घुसकर उनको हराया, लेकिन जिनको राजनीति धरोहर में मिली हो और जो कभी नौकरी न किया हो वो ये समझ ही नही सकता. ‘
उन्होंने कहा कि अब ये तय हो गया है कि यूपी में सपा एक बार फिर से विपक्ष में ही बैठने जा रही है. क्योंकि यूपी में राजनीति करने वालों को गांव-गांव पगडंडी पगडंडी घूमना पड़ता है. वो सास बहु के सीरियल भी देखें ये संभव नहीं है क्योंकि उनके पास इतना वक़्त नहीं होता. ईरानी ने कहा कि सपा समेत पूरा विपक्ष नहीं चाहता कि महिला आरक्षण कानून लागू हो.
नारी वंदन अधिनियम का विरोध करने पर भी हमला
स्मृति ईरानी ने सपा पर नारी वंदन अधिनियम का विरोध करने पर भी हमला बोला. सवाल किया कि 2023 में जिस महिला आरक्षण बिल को सर्व सम्मति से पास किया गया था. उस बिल का सपा अब विरोध क्यों कर रही है. उनको भी पता है कि इस अधिनियम में कुछ भी गलत नहीं है, बस सपा विरोध कैसे करे ये उनको समझ में नहीं आ रहा है.
उन्होंने कहा, ‘गृह मंत्री जी ने स्पष्ट किया है कि वो नारी वंदन और डीलिमिटेशन पर विपक्षी नेताओं के हर सवाल के जवाब देंगे. बस विपक्ष के लोग अब वॉक आउट न कर जाएं. जब आज इसको लागू करने की कोशिश हो रही है तो विपक्ष को क्यों आपत्ति है? क्या विपक्ष को संसदीय प्रक्रिया, राष्ट्रपति और सदन में विपक्ष की अपनी ख़ुद की भूमिका पर भी भरोसा नहीं रहा.’
