चीनी की बढ़ती कीमतों से वाराणसी में मिठाई हुई महंगी, 20% तक बढ़े दाम
वाराणसी में चीनी की बढ़ती कीमतों का सीधा असर मिठाइयों पर पड़ा है. एक सप्ताह में चीनी करीब 48 से बढ़कर 65 रुपये किलो पहुंचने के बाद रसगुल्ला, गुलाब जामुन, चमचम, राजभोग, लड्डू और बर्फी के दाम बढ़ गए हैं. रसगुल्ला 15 से 18 रुपये, गुलाब जामुन 15 से 18 रुपये और राजभोग 30 से 35 रुपये प्रति पीस तक पहुंच गया है. मोतीचूर लड्डू 240 से बढ़कर 280 रुपये किलो और बर्फी 360 से 400 रुपये किलो तक हो गई है.
देशभर में चीनी की बढ़ती कीमतों का असर अब मिठाई की दुकानों पर भी दिखाई देने लगा है. वाराणसी में चीनी के दाम बढ़ने से रसगुल्ला, गुलाब जामुन, चमचम, राजभोग, बर्फी और लड्डू समेत कई मिठाइयों की कीमतों में इजाफा हुआ है. कुछ मिठाइयों के दाम 20 फीसदी तक बढ़ गए हैं, जबकि खोये और छेने से तैयार होने वाली मिठाइयों में इससे भी ज्यादा बढ़ोतरी का दावा दुकानदार कर रहे हैं.
रक्षा बंधन का त्योहार नजदीक है और ऐसे में मिठाइयों के बढ़ते दाम बनारसियों की जेब पर भारी पड़ रहे हैं. मिठाई कारोबारियों का कहना है कि अगर चीनी की कीमतों में जल्द गिरावट नहीं आई तो त्योहार के दौरान मिठाइयों के दाम और बढ़ सकते हैं.
एक हफ्ते में चीनी 48 से 65 रुपये किलो
वाराणसी के अर्दली बाजार में मिठाई की दुकान चलाने वाले राजेंद्र सरदार के मुताबिक, शहर में चीनी की कीमत में अचानक तेजी आई है. पिछले सप्ताह तक चीनी करीब 48 रुपये प्रति किलो बिक रही थी, जो अब बढ़कर करीब 65 रुपये प्रति किलो पहुंच गई है. चीनी की कीमत में इस बढ़ोतरी का सीधा असर मिठाई बनाने की लागत पर पड़ा है. हलवाइयों का कहना है कि मिठाई बनाने में चीनी प्रमुख कच्चे माल में शामिल है, इसलिए इसके दाम बढ़ने से तैयार मिठाइयों की लागत भी बढ़ रही है.
रसगुल्ला 15 से बढ़कर 18 रुपये
चीनी की कीमत बढ़ने के बाद वाराणसी में रसगुल्ले के दाम में करीब 20 फीसदी तक की बढ़ोतरी बताई जा रही है. पिछले सप्ताह तक जहां रसगुल्ला करीब 15 रुपये प्रति पीस बिक रहा था, वहीं अब इसकी कीमत बढ़कर 18 रुपये प्रति पीस तक पहुंच गई है. इसी तरह चमचम की कीमत भी 22 रुपये से बढ़कर 25 रुपये प्रति पीस हो गई है.
गुलाब जामुन और राजभोग भी महंगे
चीनी की महंगाई का असर गुलाब जामुन पर भी पड़ा है. दुकानदारों के मुताबिक, गुलाब जामुन की कीमत 15 रुपये से बढ़कर 18 रुपये प्रति पीस हो गई है. वहीं राजभोग की कीमत भी 30 रुपये से बढ़कर 35 रुपये प्रति पीस तक पहुंच गई है. यानी मिठाई खरीदने वाले ग्राहकों को अब पहले की तुलना में हर पीस पर ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है.
लड्डू और बर्फी के दाम भी बढ़े
मोतीचूर के लड्डू की कीमत में भी इजाफा हुआ है. दुकानदारों के मुताबिक, पहले यह करीब 240 रुपये प्रति किलो बिक रहा था, जो अब बढ़कर 280 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है. अच्छी क्वालिटी की बर्फी भी 360 रुपये से बढ़कर 400 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है. दुकानदारों का कहना है कि सिर्फ चीनी ही नहीं, बल्कि दूध, खोया, छेना और दूसरी सामग्री की लागत में बदलाव का भी मिठाइयों की कीमत पर असर पड़ रहा है.
खोये और छेने की मिठाई में ज्यादा बढ़ोतरी
मिठाई कारोबारियों के अनुसार, खोये से बनने वाली मिठाइयों की कीमत में करीब 25 फीसदी, जबकि छेने से तैयार होने वाली मिठाइयों में करीब 30 फीसदी तक की वृद्धि हुई है. हालांकि अलग-अलग दुकानों पर कीमत और गुणवत्ता के हिसाब से दाम अलग हो सकते हैं. हलवाइयों का कहना है कि मिठाई तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की कीमत बढ़ने के साथ मजदूरी, दूध और अन्य खर्च भी जुड़ते हैं. ऐसे में बढ़ती लागत का कुछ हिस्सा ग्राहकों से लेना उनकी मजबूरी बन जाता है.
लस्सी भी हुई महंगी
वाराणसी में सिर्फ मिठाइयां ही महंगी नहीं हुई हैं. दुकानदारों के मुताबिक, लस्सी की कीमत भी बढ़ी है. पहले जहां लस्सी करीब 30 रुपये प्रति पुरवा बिक रही थी, वहीं अब इसकी कीमत बढ़कर 35 रुपये प्रति पुरवा तक पहुंच गई है. बनारस की मिठाई और लस्सी की दुकानों पर इसका असर खास तौर पर त्योहारों के दौरान दिखाई दे सकता है.
हलवाई बोले- बिक्री करीब आधी रह गई
मिठाई कारोबारी आकाश केशरी का कहना है कि कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर ग्राहकों की खरीदारी पर पड़ रहा है. उनके मुताबिक, बिक्री करीब आधी रह गई है. ग्राहक पहले की तरह बड़ी मात्रा में मिठाई खरीदने के बजाय अब कम मात्रा में खरीदारी कर रहे हैं. आकाश केशरी ने कहा कि रक्षा बंधन का त्योहार नजदीक है. ऐसे में अगर चीनी के दाम कम नहीं हुए तो मिठाइयों की कीमतों में और बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है.
ग्राहक बोले- मिठाई अब जेब पर पड़ रही भारी
मिठाई की दुकान पर जलेबी खाने पहुंचे प्रदीप ने कीमतों में बढ़ोतरी पर नाराजगी जताई. उनका कहना है कि बनारस के लोगों के लिए मिठाई सिर्फ खाने की चीज नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी और त्योहारों का हिस्सा है. उन्होंने कहा कि कीमत बढ़ने के बाद अब जलेबी भी फीकी लगने लगी है. बनारस के लोग मिठाई के बिना नहीं रह सकते, लेकिन लगातार बढ़ती कीमतों ने जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है.
रक्षा बंधन पर बढ़ सकती है मिठाई की कीमत
रक्षा बंधन का त्योहार करीब है. ऐसे में मिठाई कारोबारियों के सामने दोहरी चुनौती है. एक तरफ उन्हें बढ़ी हुई लागत का सामना करना पड़ रहा है, तो दूसरी तरफ ग्राहक महंगी मिठाई खरीदने से बच रहे हैं. अगर चीनी की कीमतों में जल्द राहत नहीं मिलती है तो त्योहार के दौरान मिठाइयों के दाम और बढ़ने की संभावना से कारोबारी इनकार नहीं कर रहे हैं. फिलहाल वाराणसी के मिठाई बाजार में चीनी की महंगाई का असर साफ दिखाई दे रहा है.