‘कब्रिस्तान-श्मशान’ की फिर हुई एंट्री! अखिलेश पर निशाना साधते-साधते मंत्री के बिगड़े बोल
यूपी सरकार के मंत्री रविन्द्र जायसवाल ने विधानसभा चुनाव से पहले 'कब्रिस्तान बनाम श्मशान' का विवादित बयान देकर राजनीतिक माहौल गरमा दिया है. अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए उन्होंने 'अयोध्या के घावों को कुरेदने' का आरोप लगाया. जबकि समाजवादी पार्टी ने इसे अमर्यादित बताया है.
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले एक बार फिर ‘कब्रिस्तान बनाम श्मशान’ की राजनीति चर्चा में आ गई है. योगी सरकार में मंत्री रविंद्र जायसवाल ने एक विवादित बयान देकर राजनीतिक माहौल गरमा दिया है. उन्होंने चंदौली में एक कार्यक्रम के बाद अखिलेश पर निशाना साधते-साधते कई टिप्पणियां कीं, जिन पर विपक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई है.
दरअसल, यूपी में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल से राम मंदिर दानपात्र प्रकरण को लेकर सवाल किया था कि अखिलेश यादव बीजेपी के बड़े नेताओं की चुप्पी पर सवाल उठा रहे हैं. इसके जवाब में मंत्री ने कहा कि जब वह सीएम थे़ तो कब्रिस्तानों के चारों ओर बाउंड्री बनाने के लिए फंड जारी किया. लेकिन इससे श्मशान के लिए फंड भी नही निकला.
‘ये जालीदार टोपी और लुंगी वालों का नजर में…’
रविंद्र जायसवाल ने आगे कहा कि सभी लोग मंदिरों के पैसे की चिंता कर रहे हैं, लेकिन चर्च और मस्जिदों के धन के बारे में कोई सवाल नहीं उठाता. उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है. माना जा रहा है कि मंत्री ने बयान से 2017 की तर्ज पर एक बार फिर से कब्रिस्तान बनाम श्मशान का नरेटिव सेट करने की कोशिश की है.
राज्य मंत्री ने कहा, ‘ये जालीदार टोपी और लुंगी वालों की नज़र में अपना पॉइंट बढ़ा रहे हैं. अयोध्या से जो घाव हिन्दू समाज को लगा है उसको अखिलेश यादव कुरेद रहे हैं’. रविन्द्र जायसवाल ने कहा कि सबको चिंता मंदिरों की है, क्यों? चर्च और जामा मस्जिद का पैसा कहां जाता है? अखिलेश यादव इसको लेकर कोई सवाल क्यों नहीं पूछते हैं?
सपा MLA प्रभु नारायण यादव की तीखी प्रतिक्रिया
मंत्री के बयान पर समाजवादी पार्टी के सकलडीहा विधायक प्रभु नारायण यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी. प्रभु नारायण यादव ने कहा कि ‘जैसी भाषा इन महाशय की है क्या उससे लगता है कि कोई मंत्री ऐसा भी बोल सकता है? क्या मंत्री जी को ऐसा ही संस्कार मिला है? जो भाषा इनको पढ़ाया गया है ये वही बोलेंगे. ये वो लोग हैं जो भगवान राम को भी नही छोड़ें.’
वहीं, वरिष्ठ पत्रकार विजय नारायण ने भी मंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह मूल सवाल से ध्यान हटाने की कोशिश प्रतीत होती है. उनके अनुसार, मूल सवाल से ये भाग रहे हैं क्योंकि इनके पास कोई जवाब नहीं है. चोरी हुई है ये तो ये भी मान रहे हैं. लेकिन राम मंदिर दानपात्र मामले पर उठ रहे सवालों को दूसरे मुद्दों की ओर मोड़ा जा रहा है.
