दिल्ली हाट की तर्ज पर काशी में बनेगा ‘अर्बन हाट’, ओपन एयर थिएटर भी होगा- Photos
वाराणसी के चौका घाट पर 'अर्बन हाट' विकसित किया जर रहा है, जो काशी की कला, संस्कृति और हस्तशिल्प का केंद्र बनेगा. यह दिल्ली हाट की तर्ज पर बनेगा, जो स्थानीय कारीगरों को सीधा बाजार, पर्यटकों को खरीदारी और सांस्कृतिक अनुभव प्रदान करेगा. यहां बनारसी साड़ी, जीआई उत्पाद और प्रसिद्ध व्यंजन भी मिलेंगे.
वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) काशी में एक भव्य ‘अर्बन हाट’ विकसित करने की तैयारी कर रही है. यह परियोजना चौका घाट पर स्थित गिरिजा देवी सांस्कृतिक संकुल परिसर में विकसित की जाएगी. जहां देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को खरीदारी, खान-पान और सांस्कृतिक गतिविधियों का अनूठा अनुभव एक ही स्थान पर मिल सकेगा.
प्रस्तावित ‘अर्बन हाट’ केवल एक बाजार न होकर काशी की कला, जीवंत संस्कृति, हस्तशिल्प और परंपराओं का केंद्र बनेगा. यह दिल्ली हाट की तर्ज पर स्थानीय कारीगरों को सीधा बाजार, पर्यटकों को खरीदारी और सांस्कृतिक अनुभव प्रदान करेगा. यहां बनारसी साड़ी, लकड़ी के खिलौने, धातु शिल्प, गुलाबी मीनाकारी, GI-टैग उत्पाद और प्रसिद्ध व्यंजन भी मिलेंगे.
काशी की पारंपरिक वास्तुकला पर आधारित डिज़ाइन
वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) की इस परियोजना के तहत अर्बन हाट का निर्माण चौका घाट में लगभग 7,517 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में किया जाएगा. यह स्थल वरुणा नदी के समीप स्थित होने के साथ-साथ शहर के प्रमुख क्षेत्रों खजुरी कॉलोनी, पांडेयपुर, नदेसर, चौकाघाट, ऑर्डरली बाजार, जगतगंज और चेतगंज से आसानी से जुड़ा हुआ है.
ऐसे में यह स्थान स्थानीय नागरिकों एवं पर्यटकों दोनों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनेगा. परियोजना का डिज़ाइन काशी की पारंपरिक वास्तुकला और आधुनिक सुविधाओं के समन्वय पर आधारित होगा. परिसर के भव्य प्रवेश द्वार पर “URBAN HAAT” और “VARANASI” अंकित किया जाएगा, जिससे इसे एक विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान मिलेगी.
ओपन एयर थिएटर, फूड कोट और किड्स ज़ोन भी
परियोजना के अंतर्गत कुल 26 हस्तशिल्प दुकानें, 15 व्यावसायिक दुकानें और 10 फूड किओस्क विकसित किए जाएंगे. यहां स्थानीय कारीगर और बुनकर सीधे अपने उत्पाद बेच सकेंगे. फूड ज़ोन में बनारस के प्रसिद्ध व्यंजन एवं पारंपरिक भारतीय भोजन उपलब्ध रहेगा, जिससे पर्यटकों को काशी के स्वाद और संस्कृति का वास्तविक अनुभव प्राप्त होगा.
परिसर में एक खुला रंगमंच (ओपन एयर थिएटर) भी बनाया जाएगा, जहां लोक संगीत, लोकनृत्य, सांस्कृतिक कार्यक्रम और कलात्मक प्रस्तुतियां आयोजित होंगी. इसके अलावा, ग्राम्य थीम आधारित रेस्टोरेंट, आकर्षक जल निकाय सहित केंद्रीय प्रांगण, बच्चों के लिए किड्स ज़ोन और सांस्कृतिक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए इंटरप्रिटेशन सेंटर भी विकसित होगा.