क्या मोक्ष पाने के लिए बड़ी बहन की तेरहवीं के दिन भाई-बहन ने जहर खाकर दे दी जान?

हैदराबाद से अपनी बड़ी बहन की अस्थियां विसर्जित करने आए भाई-बहन ने सुसाइड कर लिया. दोनों ने अपनी बड़ी बहन के 13वें दिन आत्महत्या की. पुलिस की तरफ से इस मामले की जांच की मोक्ष पाने के एंगल से भी की जा रही है.

बड़ी बहन की तेरहवीं के दिन भाई-बहन ने दी जान

हैदराबाद के 46 वर्षीय गणेश गौड़ गुनलापल्ली और उनकी बहन 38 वर्षीय धनलक्ष्मी गुनलापल्ली अपनी बड़ी बहन की अस्थियां लेकर 08 फरवरी को काशी आए थे. दोनों कैंट बस स्टेशन के बगल में एक होटल के 2005 नंबर के कमरे में ठहरे थे. दस फरवरी को बहन की तेरहवीं भी थी. इसी दिन उन्हें सुबह चेक आउट भी करना था.चेक आउट करने से पहले उनको अस्थियां विसर्जित कर पूजा पाठ करना था.

फर्श पर मिला भाई और बहन का शव

दोपहर तक कमरे से सुगबुगाहट नहीं मिलने पर होटल कर्मचारियों ने उन्हें फोन किया. कई बार कॉल रिसीव नहीं होने पर सिगरा पुलिस को सूचना दी गई. थोड़ी देर में पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची. वीडियोग्राफी कराते हुए दरवाजा खोला गया. अंदर दो सिंगल बेड सलीके से लगे थे. नीचे फर्श पर लगे बिस्तर पर दोनों के शव पड़े थे. धनलक्ष्मी के मुंह से झाग निकल रही थी. टेबल पर पानी की बोतल और टैबलेट्स बिखरे पड़े थे. कुछ दवाइयों के पत्ते भी टेबल के पास थे. पुलिस को मौके से ढेर सारी दवाई, छह लाख से ज्यादा नगद और कुछ एटीएम कार्ड मिले हैं.

सुसाइड का लग रहा है मामला

पुलिस उपायुक्त गौरव बंशवाल ने बताया कि प्रथम दृष्टया तो ये सुसाइड ही लग रहा है. लेकिन हर पहलू से जांच की जा रही है. फॉरेंसिक टीम ने पूरे कमरे का निरीक्षण किया. आधार कार्ड पर हैदराबाद का एड्रेस है. उस एड्रेस पर हम सम्पर्क कर रहे हैं. इससे पहले भी काशी में आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कई लोग मोक्ष के लिए सुसाइड कर चुके हैं. पुलिस इस केस में मोक्ष वाले एंगल से भी जांच कर रही है. पुलिस को कमरे से एक नोट मिला है, जिसपर फॉर गिव अस और सॉरी लिखा हुआ मिला है.