विश्व प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर में आ रही दरारें? जानें क्या कहती है हाई पॉवर कमेटी
विश्व प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर लाखों करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है. लेकिन सोशल मीडिया और बाजारों में मंदिर की दीवारों में दरारों को लेकर चर्चा गरम है. बांके बिहारी मंदिर लगभग 150 वर्ष पुराना है. इस बीच हाई पावर कमेटी के अध्यक्ष रिटायर्ड ने इस बारे में अहम जानकारी दी है.
मथुरा के वृंदावन धाम में विश्व प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर जो की लाखों करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है लेकिन इस वक्त मंदिर अपने आप में खुद एक सवाल बन गया है. क्या ठाकुर बांके बिहारी मंदिर के अंदर दीवारों में दरारें आ रही है? क्या मंदिर जर्जर अवस्था में है? क्योंकि सोशल मीडिया और बाजारों में इस बात को लेकर माहौल काफी गर्म है.
ठाकुर बांके बिहारी हाई पावर कमेटी के अध्यक्ष हाई कोर्ट रिटायर्ड जज अशोक कुमार ने बताया कि दिसंबर 2025 में IIT रुड़की और ASI द्वारा सर्वे किया गया था. इसके बाद मंदिर के दीवारों में पत्थरों के बीच दरारों को क्राउड के माध्यम से भरा गया और मरम्मत कार्य जारी है. वहीं, कमेटी सदस्य ने कॉरिडोर से संभावित नुकसान की भी बात रखी.
मंदिर 150 साल पुराना, कमेटी सुधार कर रही
हाई पावर कमेटी के अध्यक्ष ने बताया कि मंदिर की साफ सफाई और जो भी आवश्यक कार्य है, वह कमेटी द्वारा समय-समय पर किया जा रहा है. क्योंकि ठाकुर बांके बिहारी मंदिर लगभग 150 साल पुराना है तो जो भी मंदिर में कमियां है उन सबको सुधार किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि, हालांकि ऐसी लगाने की बात थी लेकिन उस पर अभी विचार चल रहा है.
हाई पावर कमेटी को एक्शन लेना चाहिए- सदस्य
वहीं, जब इस बारे में हाई पावर कमेटी के सदस्य जो कि वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाए गए हैं, उस पर हिमांशु गोस्वामी ने बताया कि अगर बांके बिहारी मंदिर में दरारे और जर्जर अवस्था जैसे हालत है तो यह बहुत ही गंभीर विषय है. उन्होंने जोर देते कहा कि इस पर हाई पावर कमेटी को एक्शन लेना चाहिए और जल्दी-जल्दी इस कार्य को करना चाहिए.
कॉरिडोर बनाने से कोई और बड़ी हानि न हो जाए
हिमांशु गोस्वामी ने कहा कि मेरा मानना है कि अगर मंदिर इस अवस्था में है और जब कॉरिडोर बनाया जाएगा तो तोड़फोड़ होगी. इससे कहीं ऐसा ना हो की मंदिर को कोई और बड़ी हानि हो जाए. ‘मैं मांग करता हूं कि ठाकुर बांके बिहारी मंदिर के लिए 30 एकड़ भूमि प्रोवाइड की जाए जिसका पैसा हम खुद देंगे और मंदिर भाव में ही बनाएंगे.’
