राम मंदिर चंदा विवाद: ट्रस्ट ने CM योगी से की SIT जांच करवाने की मांग

अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर के दानपात्रों से जुड़े कथित गबन के आरोपों के बीच बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से SIT जांच कराने का अनुरोध किया है. ट्रस्ट का कहना है कि दान चोरी को लेकर अफवाहें फैलाकर श्रद्धालुओं की आस्था को प्रभावित किया जा रहा है, इसलिए निष्पक्ष जांच से सच्चाई सामने आनी चाहिए.

अयोध्या स्थित राम मंदिर Image Credit: AI Generated

अयोध्या के राम मंदिर में दानपात्रों से जुड़े कथित धनराशि गबन के आरोपों को लेकर चल रही सियासत और चर्चाओं के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बड़ा कदम उठाया है. ट्रस्ट ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पूरे मामले की एसआईटी जांच कराने का अनुरोध किया है. ट्रस्ट का कहना है कि दान चोरी को लेकर अफवाहें फैलाई जा रही हैं और सच्चाई सामने लाने के लिए निष्पक्ष जांच जरूरी है. ये जानकारी प्रमुख सचिव (गृह) संजय प्रसाद ने दी है. मुख्यमंत्री अभी बाहर हैं. CM के आने के बाद SIT जांच का प्रस्ताव रखा जायेगा.

राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दानपात्रों में चढ़ाई गई धनराशि को लेकर पिछले कुछ दिनों से विभिन्न तरह के आरोप और चर्चाएं सामने आ रही हैं. सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में दान राशि के कथित गबन को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं. इसी बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से विशेष जांच दल यानी एसआईटी से जांच कराने का अनुरोध किया है.

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निष्पक्ष जांच आवश्यक

ट्रस्ट का कहना है कि लगातार फैल रही अफवाहों से करोड़ों राम भक्तों की आस्था प्रभावित हो रही है और स्थिति स्पष्ट करने के लिए निष्पक्ष जांच आवश्यक है. ट्रस्ट के सूत्रों के मुताबिक, राम मंदिर निर्माण और दान प्रबंधन की पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों और पारदर्शी व्यवस्था के तहत संचालित की जाती है. इसके बावजूद कुछ लोगों द्वारा दान राशि को लेकर भ्रम और संदेह पैदा करने की कोशिश की जा रही है.

PIL दाखिल कर CBI जांच की मांग

ट्रस्ट का मानना है कि यदि किसी स्तर पर कोई शिकायत या आरोप है तो उसकी गहन जांच होनी चाहिए, ताकि तथ्य सामने आ सकें और किसी भी प्रकार की गलतफहमी समाप्त हो सके. यह मामला अब कानूनी मोड़ भी ले चुका है. हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में एक जनहित याचिका दाखिल कर सीबीआई जांच की मांग भी की गई है. याचिका में दानपात्रों में आई धनराशि और अन्य संपत्तियों के प्रबंधन में कथित अनियमितताओं की जांच कराने की मांग की गई है.

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