वृंदावन जाने से पहले पढ़ें ये एडवाइजरी, इस तारीख से गाड़ियों की एंट्री रहेगी बैन

प्रशासन की तरफ से होली के त्योहार के मद्देनजर वृंदावन को 4 जोन व 8 सेक्टर में बांटा गया है. प्रत्येक जोन में एडिशनल एसपी रैंक के अधिकारी रहेंगे. साथ ही 24 फरवरी से होली तक शहर में बाहरी वाहनों की एंट्री भी बैन रहेगी.

होली को लेकर वृंदावन में प्रशासन ने सुरक्षा के किए खास इंतजाम

रंगभरनी एकादशी से लेकर होली के त्योहार तक वृंदावन में श्रद्धालुओं और भक्तों की खूब भीड़ उमड़ती है. होली में उमड़ने जा रही संभावित भीड़ को देखते हुए इस बार प्रशासन पहले से सतर्क है. सुरक्षा के खास इंतजाम किए गए हैं. होली पर बदसलूकी रोकने के लिए 10 गुंडा दमन दल का गठन किया गया है. साथ ही 24 फरवरी की रात से होली तक शहर में बाहरी वाहनों की एंट्री पर भी रोक लगा दिया गया है.

वृंदावन को 4 जोन व 8 सेक्टर में बांटा गया

प्रशासन की तरफ से होली के त्योहार के मद्देनजर वृंदावन को 4 जोन व 8 सेक्टर में बांटा गया है. प्रत्येक जोन में एडिशनल एसपी रैंक के अधिकारी रहेंगे. दो कंट्रोल रूम परशुराम पार्क और थाना वृंदावन में बनाए जाएंगे. इसमें नगर निगम, पुलिस और स्वास्थ्य टीम रहेगी. इसके अलावा 7 चिकित्सा केंद्र, 7 एंबुलेंस और 10 एंटी रोमियो की टीम परिक्रमा मार्ग में तैनात रहेंगी.

वन वे रहेंगी बांके बिहारी की गलियां

24 फरवरी से होली तक बांके बिहारी की गलियां वन वे रहेंगी. श्रद्धालुओं को जबरन रंग लगाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी. ऐसे मनचलों पर लगाम लगाने के लिए 10 गुंडा दमन दल बनाए गए हैं. होली पर केमिकल वाले रंग और मिलावटी गुलाल बेचने वाले दुकानदारों के खिलाफ बीएनएसस की धारा 144 के तहत कार्रवाई किया जाएगा. साथ ही यमुना में डूबने की घटना को देखते हुए खतरे का निशान बताने वाले बोर्ड और गहरे पानी के समीप बैरीकेडिंग लगाए जाएंगे.

जिलाधिकारी ने क्या कहा?

जिलाधिकारी सीपी सिंघ ने कहा कि रंगभरनी एकादशी से वृंदावन के ठाकुर बांके बिहारी व अन्य प्रमुख मंदिरों सहित पूरे नगर में रंगों की होली में सराबोर होने एवं पंचकोसी परिक्रमा करने के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ते हैं. इसमें देश के साथ-साथ विदेश से भी बड़ी संख्या में भक्त आते हैं. इन श्रद्धालुओं के सुरक्षा के लिए खास इंतजाम किए जा रहे हैं.

सभी विभागों को आपसी समन्वय बनाने और व्यवस्थाओं को समय रहते पूरा करने का निर्देश दे दिया. अधिकारियों ने मंदिर प्रशासन और सेवायतों को निर्देशित किया कि गुलाल के कारण किसी प्रकार की सफोकेशन अर्थात घुटन की स्थिति न बने. जिलाधिकारी सीपी सिंघ ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वाच्च प्राथमिकता है.