जिस बिटिया का कराया था एडमिशन, उसके हाथ ही उद्घाटन… CM योगी ने दिल जीत लिया!

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुरादाबाद दौरे के दौरान 365 करोड़ रुपये की 63 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया. इस दौरान उन्होंने नवनिर्मित श्रीराम वाटिका का उद्घाटन खुद करने के बजाय दो मासूम बहनों वांची और आची के हाथों कराया. वांची वही बच्ची है, जिसका स्कूल में दाखिला पिछले साल मुख्यमंत्री के जनता दर्शन कार्यक्रम में हस्तक्षेप के बाद हुआ था. मुख्यमंत्री ने बच्ची को पहचानकर मंच पर बुलाया और उद्घाटन करवाया.

वांची और आची ने किया श्रीराम वाटिका का उद्घाटन Image Credit:

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बच्चों के प्रति स्नेह और संवेदनशीलता सोमवार को मुरादाबाद में एक बार फिर देखने को मिली. करीब 365 करोड़ रुपये की 63 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान एक ऐसा भावुक पल सामने आया, जिसने वहां मौजूद हजारों लोगों का दिल जीत लिया. मुख्यमंत्री ने करोड़ों रुपये की लागत से विकसित श्रीराम वाटिका का उद्घाटन खुद से न करके दो मासूम बहनों के हाथों कराया.

यह वही वांची है, जिसके स्कूल में दाखिले के लिए उसके पिता पिछले साल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दर्शन कार्यक्रम में पहुंचे थे. उस समय मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद महज तीन घंटे के भीतर बच्ची का दाखिला प्रतिष्ठित स्कूल में कराया गया था. एक साल बाद जब वही बच्ची मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में पहुंची तो योगी आदित्यनाथ ने उसे पहचान लिया और अपने पास बुलाकर उसके हाथों श्रीराम वाटिका का फीता कटवाया.

365 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को मुरादाबाद दौरे पर थे. इस दौरान उन्होंने नगर निगम, विकास प्राधिकरण और मुरादाबाद नगर, देहात और कुंदरकी विधानसभा क्षेत्रों से जुड़ी 63 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया. इन परियोजनाओं की कुल लागत लगभग 365 करोड़ रुपये बताई गई. कार्यक्रम में सड़क, पेयजल, पार्क, सीवर, सौंदर्यीकरण और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़ी कई योजनाओं को जनता को समर्पित किया गया.

इन्हीं परियोजनाओं में नवनिर्मित श्रीराम वाटिका भी शामिल थी. हालांकि, इस पूरे कार्यक्रम में सबसे ज्यादा चर्चा किसी परियोजना की नहीं, बल्कि उसके उद्घाटन के तरीके की हुई. श्रीराम वाटिका के लोकार्पण के दौरान मंच पर मंत्री, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे. इसी बीच मुख्यमंत्री की नजर कार्यक्रम स्थल पर मौजूद दो छोटी बच्चियों पर पड़ी. मुख्यमंत्री ने तुरंत सुरक्षा अधिकारियों को संकेत दिया और दोनों बहनों—वांची और आची को अपने पास बुलाया.

इसके बाद उन्होंने स्वयं बच्चियों का हाथ पकड़कर उन्हें उद्घाटन स्थल तक ले गए और उन्हीं के हाथों फीता कटवाकर श्रीराम वाटिका का लोकार्पण कराया. जैसे ही दोनों मासूम बहनों ने फीता काटा, पूरा कार्यक्रम स्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा. वहां मौजूद लोगों ने इस पल का स्वागत किया और कई लोगों ने इसे कार्यक्रम का सबसे यादगार क्षण बताया. दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और वांची का यह रिश्ता आज का नहीं है.

एक साल पुरानी कहानी

2025 में मुरादाबाद निवासी अमित कुमार अपनी छह वर्षीय बेटी वांची के स्कूल में दाखिले को लेकर काफी परेशान थे. उनका आरोप था कि वे करीब तीन महीने तक कई दफ्तरों के चक्कर लगाते रहे, लेकिन बेटी का प्रवेश नहीं हो पा रहा था. आखिरकार उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दर्शन कार्यक्रम में पहुंचकर अपनी समस्या बताई. मुख्यमंत्री ने पूरी बात ध्यान से सुनी और मौके पर ही अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए.

मुख्यमंत्री के निर्देशों का असर इतना तेज हुआ कि शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत महज तीन घंटे के भीतर वांची का दाखिला मुरादाबाद के प्रतिष्ठित सीएल गुप्ता वर्ल्ड स्कूल में करा दिया गया. सोमवार को जब मुख्यमंत्री मुरादाबाद पहुंचे तो अमित कुमार अपनी दोनों बेटियों के साथ कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे थे. कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री की नजर जैसे ही वांची और आची पर पड़ी, उन्होंने तुरंत उन्हें पहचान लिया.

सुरक्षा घेरे के बावजूद दोनों बच्चियों को अपने पास बुलाया और काफी आत्मीयता से बातचीत की. इसके बाद उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि श्रीराम वाटिका का उद्घाटन इन्हीं बच्चियों के हाथों कराया जाए. मुख्यमंत्री के इस फैसले ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को भावुक कर दिया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में बेटियों के सम्मान और शिक्षा को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जताते रहे हैं.

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