बीमा के पैसों का लालच, रिश्तेदार ने 5 साल के बच्चे को किया किडनैप; पुलिस ने ऐसे दबोचा

अमरोहा में किडनैपिंग का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. जहां इंश्योरेंस के पैसे के लिए एक रिश्तेदार ने अपने मासूम भाई का अपहरण कर लिया. घटना से इलाके में हड़कंप मच गया. हालांकि, पुलिस ने तुरंत टीम गठित की और कुछ ही घंटों में मासूम को बिजनौर से सकुशल बरामद कर लिया.

अमरोहा: बीमा के पैसों के लालच में 5 साल के बच्चे का अपहरण Image Credit:

उत्तर प्रदेश के अमरोहा में रिश्ते के भाई ने ही पैसों के लालच में दोस्तों के साथ मिलकर पांच वर्षीय मासूम का अपहरण कर लिया. इसके बाद परिजनों को फोन कॉल कर 12 लाख रुपये की फिरौती मांग कर डाली. मासूम के अपहरण कि खबर मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया. जनपद के बड़े अधिकारी मौके पर जा पहुंचे और छानबीन शुरू कर दी.

पुलिस अधीक्षक अमित कुमार आनंद ने बिना देर किए टीम गठित की. और पुलिस को अपहरण किए गए मासूम की बरामदगी को रवाना कर दी. वहीं, चंद घंटो बाद पुलिस ने मासूम को बिजनौर के नेहटोर से बरामद कर लिया. साथ ही रिश्ते के आरोपी भाई और उसके दो साथियो को भी गिरफ्तार किया. साथ ही मासूम को सकुशल परिजनों के हवाले कर दिया.

फ़ोन पर मांगी फिरौती, न देने पर जान की धमकी

दरअसल, पूरा मामला थाना नौगांबा सादात के गांव यहियापुर का है. यहां के रहने वाले हरपाल सिंह का पोता विवान घर के बाहर खेलते समय शनिवार कि दोपहर अचानक गायब हो गया. परिजनों ने तलाशना शुरू किया तो उनके घर के फ़ोन नंबर पर अचानक आई फ़ोन कॉल ने पैरो तले जमीन खिसका दी, क्योंकि फ़ोन कॉल उनके पोते के अपहरणकर्ताओ की थी.

अपहरणकर्ताओ ने फ़ोन पर उनके पोते को छोड़ने के लिए 12 लाख रुपये फिरौती की मांग की. साथ ही पैसे न देने पर मासूम विवान को जान से मारने की धमकी दी. बस फिर क्या था घटना के संबंध में स्थानीय पुलिस को जानकारी दी, मासूम के अपहरण कि जानकारी मिलते ही जनपद के पुलिस अधीक्षक और क्षेत्रीय अधिकारी आनन-फानन में मौके पर पहुंचे.

बीमे की रकम खाते में होनी की थी जानकारी

तुरंत पुलिस टीम गठित की गई, जिसने BTS के माध्यम से आरोपियों की लोकेशन तक पहुंची. पुलिस ने बिजनौर के नेहटोर बस स्टैंड से मासूम को सकुशल बरामद किया. साथ ही अपहरण करने वाले रिश्ते के भाई लविश और उसके दो साथियो आकाश ओर लोकेन्द्र को भी मौके से गिरफ्तार कर लिया. बच्चे के कुशल बरामद होने के परिजनों की जान में जान आई.

पांच साल पहले विवान के पिता की सड़क हादसे में मौत हो गई थी. बीमे की रकम परिजनों के खाते में आने की जानकारी रिश्ते के भाई लविश को मिली. उसने अपनी जरूरतों कों पूरा करने के लिए इस घटना को अंजाम देने का प्लान बनाया. घटना को इसलिए अंजाम दिया क्योंकि बीमे की रकम अभी परिजनों के खाते में ही थी जो उसको आराम से मिल सकती थी.

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