कानपुर की ‘मुस्कान’ और उसके प्रेमी को उम्रकैद की सजा, पति को लखनऊ में दिया था जहर

कानपुर में प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या करने वाली “मुस्कान” को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. कोर्ट ने पत्नी के प्रेमी को भी उम्र कैद की सजा सुनाई. इस हत्याकांड में पत्नी अपने पति को लेकर लखनऊ गई थी और वहां पर प्रेमी के साथ मिलकर जहर दे दिया. अदालत ने दोनों को दोषी माना है.

पति की हत्या मामले में पत्नी और उसके प्रेमी को उम्रकैद Image Credit:

कानपुर के नौबस्ता थाना क्षेत्र में प्रेम प्रसंग के चलते पति की हत्या कराने के सनसनीखेज मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है. एडीजे-20 नीलांजना की अदालत ने आरोपी पत्नी नेहा शर्मा और उसके प्रेमी आयुष को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. अदालत ने दोनों को हत्या और साक्ष्य छिपाने के अपराध में दोषी पाया.

अभियोजन के अनुसार यह घटना मार्च 2024 की है. फैजाबाद के किदवई नगर वाई ब्लॉक निवासी पुनीत कुमार शर्मा ने 6 मार्च 2024 को नौबस्ता थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी. मृतक प्रतीक कुमार शर्मा उनका इकलौते बेटे था. 2017 में उसकी शादी फैजाबाद निवासी नेहा शर्मा से हुई थी. दोनों से दो बच्चे भी हैं, लेकिन नेहा ने प्रेम प्रसंग में खूनी साजिश रच डाली.

लखनऊ से लौटने पर परिवार को किया था गुमराह

मृतक प्रतीक नौबस्ता क्षेत्र में मेडिकल स्टोर का संचालन करता था और अपने परिवार के साथ रहता था. रिपोर्ट के मुताबिक 6 मार्च 2024 को नेहा अपने पति प्रतीक और दोनों बच्चों को लेकर मायके फैजाबाद गई थी. 12 मार्च को नेहा बच्चों के साथ वापस आ गई, लेकिन प्रतीक घर नहीं लौटा. परिवार के पूछने पर नेहा ने अलग बहाना बना दिया था.

नेहा ने बताया था कि रास्ते में गाड़ी खराब हो गई थी, प्रतीक दो-तीन दिन में वापस आ जाएंगे. इसके बाद जब परिवार ने प्रतीक के मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की तो फोन बंद मिला. इसी बीच 16 मार्च को नेहा दोनों बच्चों को लेकर घर से निकली, लेकिन वापस नहीं लौटी. इस पर परिवार ने बहू और दोनों बच्चों की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई.

पति को लखनऊ ले गई, फिर दोनों ने दे दिया जहर

पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की. जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए. एडीजीसी संजय कुमार झा ने बताया कि जांच में खुलासा हुआ कि नेहा के अपने पति के दोस्त आयुष से अवैध संबंध थे. दोनों ने मिलकर प्रतीक को रास्ते से हटाने की साजिश रची. इसके बाद पति को लखनऊ ले जाकर वारदात को अंजाम दिया.

डीजीसी दिलीप अवस्थी ने बताया कि पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि नेहा पति को मायके जाने के बहाने लखनऊ ले गई, जहां आयुष की मदद से उसे जहर देकर मार डाला गया. हत्या के बाद दोनों आरोपियों ने पहचान छिपाने और सबूत मिटाने के उद्देश्य से लखनऊ में ही प्रतीक का अंतिम संस्कार कर दिया.

पूर्व नियोजित साजिश के तहत हत्या को दिया गया अंजाम

मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल सात गवाह पेश किए गए. सभी गवाहों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी पत्नी और उसके प्रेमी को दोषी ठहराया. अदालत ने माना कि दोनों ने पूर्व नियोजित साजिश के तहत हत्या को अंजाम दिया और साक्ष्य नष्ट करने का प्रयास किया. फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने न्याय मिलने पर संतोष व्यक्त किया.