मासूम को अगवा कर घोंट दिया गला, 29 मिनट बाद मांगी फिरौती; कारोबारी पुत्र के मर्डर की कहानी

चित्रकूट में एक 13 वर्षीय बच्चे की निर्मम हत्या का मामला सामने आया है. पूर्व किराएदार ने बच्चे को अगवा कर गला घोंट दिया, फिर शव को ले जाकर शौचालय में दफनाया. चौंकाने वाली बात यह है कि हत्या के मात्र 29 मिनट बाद उसने कारोबारी पिता से 40 लाख की फिरौती भी मांगी. पुलिस ने कॉल डिटेल्स से आरोपी को धर दबोचा. यह वारदात बदले की भावना से की गई थी.

यूपी पुलिस (प्रतीकात्मक तस्वीर)

उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में एक 13 वर्षीय बच्चे के मर्डर की हैरतंगेज कहानी सामने आई है. यहां एक युवक ने पड़ोस में रहने वाले कारोबारी के बेटे को अगवा किया और मर्डर के बाद शव को टॉयलेट के नीचे दफन कर दिया. इससे भी मन नहीं भरा तो मर्डर के 29 मिनट बाद कारोबारी को फोनकर 40 लाख की फिरौती भी मांग ली. हालांकि पुलिस ने कॉल डिटेल के आधार पर आरोपी को धर दबोचा. पुलिस मामले की जांच कर रही है. मामला चित्रकूट के बरगढ़ थाना क्षेत्र का है.

पुलिस के मुताबिक यहां रहने वाले कपड़ा कारोबारी अशोक केसरवानी का बेटा आयुष (13) गुरुवार की शाम अचानक से लापता हो गया. पुलिस के मुताबिक पहले कारोबारी के घर में किराए पर रहने वाले युवक ने उसे अगवा किया था और रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी थी. इसके बाद शव को शौचालय में दफना दिया था. इस मामले में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की पहचान करते हुए आरोपी इरफान और कल्लू को अरेस्ट किया है.

ऐसे किया अगवा

पुलिस के मुताबिक कारोबारी का बेटा आयुष गुरुवार की शाम पांच बजे अपने चाचा के छत पर पतंग उड़ा रहा था. इसी दौरान कारोबारी का पूर्व किराएदार इरफान आयुष को बाइक सिखाने के बहाने से बुलाया और उसकी हत्या कर दी. फिर रात में 8:29 बजे अशोक केसरवानी को फोन किया और अपहरण की जानकारी देते हुए 40 लाख की फिरौती मांगी. फिरौती लेकर कारोबारी को उसने मऊ-बरगढ़ के बीच घाटी पर बुलाया था. इसकी सूचना कारोबारी ने तुरंत पुलिस को दी.

आरोपियों तक पहुंची पुलिस

कारोबारी की सूचना पर हरकत में आई पुलिस ने आरोपी का मोबाइल सर्विलांस पर लगाया और दोनों की लोकेशन ट्रैस कर उनके घर से ही अरेस्ट कर लिया. पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ की और मोबाइल बरामद करने के लिए आरोपियों को लेकर जंगल गई, जहां आरोपियों ने पुलिस की बंदूक छीनकर भागने की कोशिश की. पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, इस दौरान पैर में गोली लगने से इरफान घायल हो गया. फिलहाल उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया.

इसलिए दिया वारदात को अंजाम

पुलिस के मुताबिक आरोपी इरफान छह महीने पहले तक कारोबारी के ही घर में किराए पर रहता था. इस दौरान उसने 25 हजार रुपये कारोबारी से कर्ज भी लिए थे. इसके अलावा वह सात महीने से किराया भी नहीं दे पा रहा था. इसी बात को लेकर दोनों महासुनी हुई और कारोबारी से उसे अपने घर से निकाल दिया था. इसी बात की रंजिश में आरोपी ने कारोबारी से बदला लेने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया.