गला दबाया, सिर में मारी गोली, फिर ट्रेन एक्सीडेंट दिखाने की कोशिश… UPSC छात्र को महिला सिपाही से इश्क पड़ा भारी

मृतक मनीष यादव अकांक्षा नाम की महिला कांस्टेबल से प्यार करता था. यह बात युवती के एकतरफा आशिक विपिन को नागवार गुजरी. ऐसे में उसने आकांक्षा के भाई अभिषेक यादव और अपने दोस्त दीपक को साथ लेकर मनीष को रास्ते से हटाने की योजना बना डाली.

मृतक मनीष यादव

इटावा में UPSC की तैयारी कर रहे मनीष यादव की अपहरण के बाद बेरहमी से हत्या कर दी गई. इस हत्याकांड के पीछे एक तरफा इश्क को बड़ी वजह माना जा रहा है. मृतक युवक के पिता ने इस मामले में युवक की प्रेमिका ट्रेनी सिपाही आकांक्षा समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. फिलहाल, पुलिस ने दीपक नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. वहीं, अन्य आरोपी अब भी फरार हैं. पुलिस उनकी तलाश के लिए लगातार दबिश दे रही है.

एकतरफा इश्क से पनपी रंजिश

पुलिस जांच में सामने आया है कि मानिकपुर निवासी विपिन यादव आकांक्षा से एकतरफा प्रेम करता था. आकांक्षा की हाल ही में पुलिस में नौकरी लगी थी. वह मनीष यादव से प्रेम करती थी. दोनों के बीच बातचीत होती थी. यही बात मुख्य हत्यारोपी विपिन को नागवार गुजर रही थी. पुलिस के मुताबिक वह आकांक्षा की कॉल डिटेल तक पर नजर रखता था. जब उसे मनीष और आकांक्षा के रिश्ते की जानकारी हुई तो उसने मन में गहरी रंजिश पाल ली.

UPSC छात्र को ऐसे उतारा मौत के घात

पुलिस जांच के मुताबिक विपिन की इसी नाराजगी ने साजिश का रूप ले लिया. विपिन ने आकांक्षा के भाई अभिषेक यादव जो जालंधर में सीआरपीएफ में तैनात, अपने दोस्त दीपक को साथ लेकर मनीष को रास्ते से हटाने की योजना बनाई. योजना के तहत मनीष को कार में बैठाकर अगवा किया. कार के अंदर उसके साथ मारपीट की गई. जब वह कमजोर पड़ गया तो रस्सी से गला दबा दिया गया.

रस्सी से गला दबाने के बाद भी आरोपियों का गुस्सा शांत नहीं हुआ तो चाकू से कई वार किए. फिर शव को सरसों के खेत में फेंक कर चले गए. उसके बाद आरोपी दोबारा वापस आए और युवक के सिर में गोली मार दी, ताकि उसकी मौत पक्की हो जाए. गिरफ्तार आरोपी दीपक की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल कार, चाकू, जले हुए कपड़े, बैग और जूते बरामद किए हैं. पुलिस के मुताबिक अन्य साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं, जिससे कोर्ट के सामने मजबूत सबूत पेश किया जा सके.

हादसा दिखाने की कोशिश

हत्या के बाद आरोपियों ने शव को बोरी में भरा और ट्रैक्टर से ले जाकर गांव के पास से गुजर रही रेलवे लाइन पर रख दिया, ताकि मामला रेल हादसे जैसा लगे. पहचान छिपाने के लिए मनीष के कपड़े, जूते और बैग पर पेट्रोल डालकर जला दिए गए. भरथना थाना क्षेत्र के नगला बंधा गांव निवासी राजवीर सिंह ने तहरीर देकर अपने बेटे की साजिशन हत्या का आरोप लगाया. तहरीर के आधार पर आकांक्षा, उसके भाई अभिषेक, विपिन यादव और दीपक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया.

एक आरोपी गिरफ्तार

मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने भरथना इटावा रोड स्थित झिंदुआ पुल के पास से दीपक को गिरफ्तार कर लिया है. पूछताछ में उसने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया और विपिन को मास्टरमाइंड बताया है. पुलिस के मुताबिक सीआरपीएफ में तैनात अभिषेक घटना के बाद पंजाब चला गया. उसकी गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें बनाई गई हैं. मुख्य आरोपी विपिन की तलाश में भी लगातार दबिश दी जा रही है.

मनीष टेबलेट फोन से मिल सकते हैं कई सुराग

परिजनों के मुताबिक मनीष एक टेबलेट फोन इस्तेमाल करता था, जो अब तक बरामद नहीं हुआ है. पुलिस का मानना है कि टेबलेट मिलने पर कई अहम सुराग मिल सकते हैं. फिलहाल पुलिस, पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए कार्रवाई जारी है. पुलिक का कहना है जल्द ही सारे आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा. उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.