हापुड़ में बांग्लादेशी जासूस! नाम-पहचान बदलकर रह रही थी महिला, SIR में खुलासा; जानें ठिकाने पर क्या मिला
हापुड़ में SIR कार्यक्रम के दौरान एक बांग्लादेशी महिला की पहचान हुई है. यह महमुदा खातून नामक महिला अपने फर्जी नाम रानी के साथ यहां रह रही थी. उसने फर्जी दस्तावेज बनवा लिए थे. हालांकि मामले का खुलासा होने बाद यह महिला अपने पति व बच्चों संग फरार हो गई है. पुलिस को उसके ठिकाने से बांग्लादेशी वीजा-पासपोर्ट मिले हैं.
उत्तर प्रदेश में हो रहे SIR कार्यक्रम के दौरान हापुड़ में एक और बंग्लादेशी महिला की पहचान हुई है. यह महिला फर्जी दस्तावेज बनवाकर अवैध तरीके से भारत में रह रही थी. इस महिला की असली पहचान महमुदा खातून के रूप में हुई है. इसने रानी नाम से फर्जी डॉक्यूमेंट बनवाए थे. मामले का खुलासा होने के बाद से ही यह महिला अपने तीन बच्चों और पति के साथ फरार है. सूचना मिलने पर हरकत में आई पुलिस ने इसके ठिकाने से बांग्लादेशी वीजा व पासपोर्ट के अलावा बांग्लादेशी करेंसी बरामद किया है.
मामला हापुड़ में गढ़ थाना क्षेत्र के दोताई गांव का है. पुलिस की जांच में पता चला है कि बांग्लादेश से आकर हापुड़ में रह रही महमुदा खातून ने दिल्ली की एक मस्जिद में शादी रचाई थी. इसके बाद इसने ग्राम प्रधान की पहचान पर ना केवल वोटर लिस्ट में नाम जुड्वा लिया, बल्कि आधार समेत अन्य दस्तावेज भी बनवा लिए. पुलिस को आशंका है कि यह महिला किसी मिशन पर भारत आई थी और यहां नाम व पहचान बदलकर रह रही थी.
सामने आया सऊदी कनेक्शन
गढ़ कोतवाल देवेंद्र सिंह बिष्ट के मुताबिक बांग्लादेशी महिला महमूदा बेगम साल 2021 से पहले इस गांव में आई थी. इसने अपना परिचय रानी के रूप में दिया था. दरअसल, दौताई गांव का रहने वाला मोहम्मद मसरूफ सऊदी अरब में रहता था. वहीं पर उसकी मुलाकात महमूदा से हुई. बाद में मसरूफ के साथ ही महमूदा बेगम भी भारत आ गई और फिर दोनों ने 11 फरवरी 2021 को दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन स्थित मस्जिद में निकाह किया था.
लोकल इंटेलिजेंस पर उठे सवाल
गढ़ कोतवाल के मुताबिक जांच में पता चला है कि मसरूफ के कहने पर साल 2024 में ग्राम प्रधान ने उसकी पत्नी महमुदा उर्फ रानी के नाम से लेटर पैड जारी किया और इसी लेटर पैड का इस्तेमाल कर महमुदा ने पहले वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाया और फिर अन्य दस्तावेज भी बनवा लिए. हालांकि एसआईआर में मामले का खुलासा हो गया. इसके बाद से लोकल इंटेलिजेंस पर सवाल उठने लगे हैं.
जासूसी की आशंका
मामले का खुलासा होते ही इस महिला के परिवार समेत फरार होने से शक और गहरा गया है. आशंका जताई जा रही है कि यह महिला किसी जासूसी मिशन पर थी. उधर, इस मामले में ग्राम प्रधान ने सफाई दी है. कहा कि उन्होंने ऐसा कोई लेटर पैड जारी नहीं किया है. मसरूफ की मां ने बताया कि 4 साल पहले ज यह महिला यहां आई तो काफी बवाल हुआ था. ऐसे में दोनों ने दिल्ली जाकर निकाह किया. पुलिस पुलिस मामले की जांच में जुटी है.