UP विधानसभा चुनाव का बिगुल फूंकने को तैयार अखिलेश यादव, नोएडा में होगी सपा की PDA भाईचारा रैली
अखिलेश यादव यूपी विधानसभा चुनाव का बिगुल फूंकने के लिए तैयार हैं. इसको लेकर नोएडा के दादरी में पीडीए भाइचारा रैली भी होनी है. इसी की तैयारियों को लेकर 30 जिलों के लगभग 135 विधानसभा क्षेत्रों से गुर्जर समाज के प्रमुख नेता,सामाजिक प्रतिनिधि और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने बैठक की. इस दौरान रैली की तैयारियों को लेकर कई अहम फैसले भी हुए.
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की आहट अब साफ सुनाई देने लगी है. समाजवादी पार्टी ने चुनावी तैयारियों को जमीन पर उतारना शुरू कर दिया है. अब ग्रेटर नोएडा से एक बड़ा सियासी संदेश सामने आया है. दादरी में होने वाली PDA भाईचारा रैली के जरिए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव 2027 के विधानसभा चुनाव का बिगुल फूंकने जा रहे हैं. संभावना है ये रैली फरवरी महीने में आयोजित कराई जा सकती है.
इस रैली की तैयारियों को लेकर ग्रेटर नोएडा के सफीपुर गांव में हुई बैठक ने पूरे प्रदेश की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है. सफीपुर गांव में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक को 2027 के विधानसभा चुनाव की दिशा तय करने वाला कदम माना जा रहा है. बैठक में स्पष्ट संकेत दिया गया कि समाजवादी पार्टी आने वाले चुनाव में PDA यानी पिछड़ा दलित और अल्पसंख्यक वर्ग के साथ-साथ गुर्जर समाज को बड़ी राजनीतिक ताकत के रूप में संगठित करने की रणनीति पर काम कर रही है. दादरी में प्रस्तावित रैली को पश्चिमी उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन बनाने की तैयारी है.
30 जिलों से 135 विधानसभा क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व
बैठक की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि इसमें उत्तर प्रदेश के 30 जिलों के लगभग 135 विधानसभा क्षेत्रों से गुर्जर समाज के प्रमुख नेता,सामाजिक प्रतिनिधि और राजनीतिक कार्यकर्ता शामिल हुए. बैठक की अध्यक्षता धर्मचंद ने की जबकि संचालन देवेंद्र टाइगर एडवोकेट ने किया.
बैठक में मौजूद नेताओं ने एकजुट होकर रैली को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया. समाजवादी पार्टी की यह PDA भाईचारा रैली केवल एक राजनीतिक आयोजन नहीं बल्कि सामाजिक एकजुटता का मंच मानी जा रही है. पार्टी नेताओं का कहना है कि इस रैली में सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी लेकिन गुर्जर समाज की भूमिका इसमें निर्णायक रहेगी. अनुमान लगाया जा रहा है कि गुर्जर बहुल 142 विधानसभा क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग दादरी पहुंचेंगे.
अगस्त से चल रहा है राजनीतिक जागरूकता अभियान
रैली के संयोजक और सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने बताया कि गुर्जर समाज के बीच अगस्त महीने से लगातार राजनीतिक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. इस अभियान के तहत अब तक 20 जिलों के करीब 50 विधानसभा क्षेत्रों में PDA चौपालों का आयोजन किया जा चुका है. इन चौपालों में समाज के लोगों को राजनीतिक भागीदारी अधिकारों और 2027 के चुनाव में भूमिका को लेकर जागरूक किया गया.
अखिलेश यादव के भाषण पर टिकी निगाहें
दादरी में होने वाली रैली में अखिलेश यादव का संबोधन इस पूरे अभियान का केंद्र बिंदु होगा. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस मंच से अखिलेश यादव 2027 के चुनाव को लेकर पार्टी की प्राथमिकताएं सामाजिक समीकरण और चुनावी रोडमैप साफ तौर पर सामने रख सकते हैं. ग्रेटर नोएडा और आसपास के इलाकों में यह संदेश पहले ही जा चुका है कि समाजवादी पार्टी अब पूरी तरह चुनावी मोड में आ चुकी है.
सफीपुर गांव में हुई बैठक में मुजफ्फरनगर, मेरठ, सहारनपुर, बाराबंकी, गोरखपुर, अमरोहा, बदायूं, बरेली, बागपत, बुलंदशहर, हापुड़, आगरा, फिरोजाबाद और मथुरा सहित कई जिलों से गुर्जर समाज के प्रभावशाली नेता मौजूद रहे. इन नेताओं की मौजूदगी ने यह साफ कर दिया कि आने वाले चुनाव में गुर्जर समाज को संगठित कर निर्णायक भूमिका में लाने की तैयारी तेज हो चुकी है.
पश्चिमी यूपी से पूर्वांचल तक साधे जा रहे समीकरण
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि PDA भाईचारा रैली केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि इसका असर पूर्वांचल और मध्य यूपी तक दिखाई देगा.गुर्जर समाज के साथ-साथ अन्य पिछड़ा वर्ग, दलित और अल्पसंख्यक समुदायों को जोड़कर एक मजबूत सामाजिक गठबंधन तैयार करने पर जोर दिया गया.
2027 की राजनीति में ग्रेटर नोएडा की बढ़ती भूमिका
ग्रेटर नोएडा अब केवल औद्योगिक और शहरी विकास का केंद्र नहीं बल्कि सियासी गतिविधियों का भी बड़ा मंच बनता जा रहा है. सफीपुर गांव में हुई बैठक और दादरी की प्रस्तावित रैली ने यह संकेत दे दिया है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में यह क्षेत्र राजनीतिक रूप से बेहद अहम रहने वाला है.
