BLO के सुसाइड पर भड़के अखिलेश, बोले- इस पाप का BJP को लगेगा महापाप; कर दी इमोशनल अपील

फतेहपुर में एक बीएलओ की आत्महत्या पर राजनीतिक बवाल मच गया है. बेटी की शादी के लिए छुट्टी न मिलने और काम के अत्यधिक दबाव को आत्महत्या का कारण बताया गया है. सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने भाजपा और यूपी सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए इसे 'महापाप' कहा और भाजपा को 'निर्मम' बताया. उन्होंने अन्य बीएलओ से भी निराशा में कदम न उठाने की अपील की.

अखिलेश यादव ( फाइल फोटो) Image Credit:

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में एक बीएलओ के सुसाइड पर तगड़ी वाली राजनीति शुरू हो गई है. एक तरफ बीएलओ के घर जाने की कोशिश कर रहे कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को पुलिस ने हाउस अरेस्ट किया है, वहीं दूसरी ओर सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने प्रदेश सरकार और भाजपा पर करारा प्रहार किया है. उन्होंने कहा कि यह पाप है और इस पाप का बीजेपी को महापाप लगेगा.

बता दें कि रविवार को फतेहपुर के एक बीएलओ (शिक्षा मित्र) ने स्कूल के कमरे में फांसी लगा लिया था. सुसाइड से पहले बीएलओ ने एक सुसाइड नोट भी लिखा था. इसमें उन्होंने सुसाइड की वजह छुट्टी ना मिलना बताया था. अपने सुसाइड नोट में बीएलओ ने बताया था कि आठ मार्च को ही उनकी बेटी की शादी है और छुट्टी मांग रहे थे. काफी प्रयास के बाद भी छुट्टी नहीं मिली. इसी सुसाइड नोट के आधार पर अब अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश सरकार और बीजेपी पर हमला बोला है.

बीजेपी को बताया निर्दयी

अखिलेश यादव ने सीएम योगी और बीजेपी पर हमला बोलते हुए बीएलओ के सुसाइड को हत्या बताया. उन्होंने कहा कि बीजेपी ‘निर्मम और निर्दयी’ है. उन्होंने कहा कि इस घटना को पाप बताते हुए कहा कि इस पाप का बीजेपी को महापाप लगेगा. इसी के साथ उन्होंने प्रदेश भर में तैनात सभी बीएलओ से आग्रह किया है कि वो हताश या निराश ना हों. उनका जीवन उनके परिवार के लिए अमूल्य है. इसलिए वह बीजेपी जैसी नाकारात्मक शक्तियों के दबाव में इसे खत्म ना करें

सिस्टम की पोल खोलने वाला सुसाइड नोट

बीएलओ ने अपने सुसाइड नोट का शीर्षक ‘जीवन मुक्ति’ दिया है. उसने लिखा है कि आठ मार्च को उनकी बेटी की शादी है. उन्होंने अधिकारियों से छुट्टी मांगी थी, लेकिन नहीं मिली. बेटी की शादी की जिम्मेदारी कितनी बड़ी होती है, यह उन्हें ही पता होगा, जिनका अपना परिवार होगा. अखिलेश यादव ने कहा कि छुट्टी ना मिलने के अलावा बीएलओ एसआईआर की वजह से काफी दबाव में भी थे. पहले फार्म 7 में नाम काटने का दबाव था, अब फार्म 6 के तहत नाम जोड़ने का दबाव डाला जा रहा है.

ये है मामला

जानकारी के मुताबिक फतेहपुर के बिंदकी तहसील क्षेत्र के गांव आलियाबाद में एक शिक्षा मित्र अखिलेश कुमार सविता की तैनाती बीएलओ के रूप में हुई थी. वह यूपी में एसआईआर शुरू होने के बाद से ही बिना छुट्टी लिए लगातार काम कर रहे थे. सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर एक्स पर लिखा है कि काम का दबाव तो था ही, बीएलओ पर चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी करने के लिए भी दबाव बनाया जा रहा था. लेकिन इमानदार बीएलओ का मन गलत काम के लिए गवाही नहीं किया और हताशा में उसने सुसाइड कर ली.