आगरा में ट्रैक पर कूदी डिप्टी स्टेशन अधीक्षक की बहन, मचा हड़कंप; जानिए क्या है मामला?
आगरा कैंट पर डिप्टी स्टेशन अधीक्षक से आरपीएफ जवानों की मारपीट के बाद बवाल मचा है. मामले में चार RPF जवानों को सस्पेंड किया गया है. वहीं, अब परिवार आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं. इस बीच डिप्टी एसएस की बहन ने रेलवे ट्रैक पर कूदकर शताब्दी रोकने का प्रयास किया.
आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब डिप्टी स्टेशन अधीक्षक नरेंद्र चाहर से कथित मारपीट के मामले में कार्रवाई की मांग कर रहे परिजनों और समर्थकों ने उग्र प्रदर्शन शुरू कर दिया. न्याय न मिलने से नाराज महिलाओं ने रेलवे ट्रैक पर उतरकर शताब्दी एक्सप्रेस को रोकने का प्रयास किया, जिससे हड़कंप मच गया.
यह विवाद कुछ दिन पहले ड्यूटी के दौरान डिप्टी एसएस नरेंद्र चाहर और RPF के जवानों के बीच हुई कहासुनी से शुरू हुआ था. आरोप है कि विवाद बढ़ने पर RPF के कुछ जवानों ने डिप्टी एसएस के साथ मारपीट की. घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने संबंधित जवानों को निलंबित कर दिया, लेकिन परिजन इस कार्रवाई को पर्याप्त नहीं मान रहे हैं.
महिलाओं ने शताब्दी को रोकने का किया प्रयास
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी थी कि आरोपी जवानों को तुरंत गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए, नहीं तो चक्का जाम कर देंगे. इसके लिए रेलवे प्रशासन को एक घंटे का समय दिया था. मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) ने कार्रवाई का आश्वासन देते हुए समय भी मांगा, लेकिन निर्धारित समय बीतने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई न होने पर प्रदर्शनकारी भड़क गए.
इसके बाद डिप्टी एसएस की बहन समेत कई महिलाएं विरोध जताते हुए रेलवे ट्रैक पर उतर गईं और शताब्दी एक्सप्रेस को रोकने का प्रयास किया. सूचना मिलते ही आरपीएफ और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद महिलाओं को ट्रैक से हटाया गया. समय रहते कार्रवाई होने से कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ.
RPF के यात्री से पैसे वसूलने को लेकर हुआ विवाद
रेलवे ट्रैक से हटाए जाने के बावजूद प्रदर्शनकारियों का गुस्सा शांत नहीं हुआ है. डिप्टी एसएस के परिजनों का स्पष्ट ऐलान है कि जब तक आरोपी जवानों को पूरी तरह से बर्खास्त कर जेल की सलाखों के पीछे नहीं भेजा जाता, तब तक उनका यह आंदोलन इसी तरह जारी रहेगा. इस घटना ने रेलवे प्रशासन के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है.
पूरा मामला ट्रेन संख्या 20808 हीराकुंड एक्सप्रेस के ठहराव के दौरान हुई. जब एक यात्री के घायल होने पर ऑपरेटिंग विभाग के डिप्टी स्टेशन अधीक्षक ने ट्रेन को रुकवाने का फैसला लिया. आरोप है कि इसी दौरान एक RPF कर्मी ने चोटिल यात्री से पैसे वसूलने का प्रयास किया. जब डिप्टी एसएस ने इसका विरोध किया तो उनके साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट की गई.
