मुलायम सिंह यादव की नहीं हुई, प्रतीक की क्यों हो रही तेरहवीं? जानें सैफई की ये अनोखी परंपरा
सैफई में तेरहवीं ना करने की परंपरा है. मुलायम सिंह यादव के निधन पर भी तेरहवीं का आयोजन नहीं किया गया था. लेकिन अब प्रतीक यादव के तेरहवीं के आयोजन का कार्ड आ गया है. इसके साथ ही सैफई की वर्षों पुरानी तेरहवीं ना करने की परंपरा टूटने जा रही है.
मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और भाजपा नेता अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव की तेरवहीं आज सोमवार यानी 25 मई को आयोजित होगी. अपर्णा यादव ने इसकी जानकारी अपने सोशल मीडिया X पर तेरहवीं का कार्ड साझा कर जानकारी दी. कार्ड में अपर्णा यादव और उनकी दोनों बेटियों के साथ अखिलेश यादव और उनके बच्चों के नाम भी शामिल किया गया है.
सैफई में तेरहवीं ना करने की थी परंपरा
सैफई में तेरहवीं ना करने की परंपरा है. गांव के लोगों का मानना था कि तेरहवीं का भोज गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर आर्थिक बोझ डालता है. इसके अलावा उनका कहना था कि शोक के माहौल में भोज का आयोजन उचित नहीं है. ऐसे में लंबे वक्त से यहां पर मृत्यु के बाद तेरहवीं का आयोजन नहीं किया जाता था.
मुलायम सिंह यादव के निधन पर भी नहीं हुई थी तेरहवीं
मुलायम सिंह यादव के निधन पर भी तेरहवीं का आयोजन नहीं किया गया था, जबकि यादव परिवार आर्थिक तौर पर संपन्न है. उनके निधन के 11वें दिन हवन और श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया था. परिवार के सदस्यों ने शुद्धि संस्कार में भाग लिया था. साथ ही अखिलेश यादव समेत परिवार के पुरुष सदस्यों ने मुंडन संस्कार भी कराया था.
13 मई को प्रतीक का हुआ था निधन
बता दें प्रतीक यादव का निधन 13 मई को हार्ट में खून का थक्का जमने से हुआ था. वह पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे. 14 मई को उनकी चिता को अपर्णा यादव के पिता अरविंद सिंह बिष्ट ने मुखाग्नि दी. उस दौरान अपर्णा यादव की तरफ से अंतिम संस्कार का जो कार्ड सोशल मीडिया पर शेयर किया गया था, उसमें उनका और उनकी दोनों बेटियों का नाम था. अखिलेश यादव समेत यादव परिवार के नाम का उल्लेख उस कार्ड में नहीं था.
यादव परिवार में एकजुटता के संकेत
ऐसे में परिवार के बीच दूरियों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई थीं. हालांकि, हरिद्वार में हुए अस्थि विसर्जन कार्यक्रम के दौरान अपर्णा यादव के साथ शिवपाल यादव के बेटे आदित्य के साथ परिवार के अन्य सदस्य साथ दिखे थे. अब तेरहवीं के कार्ड में अपर्णा यादव के नाम के साथ अखिलेश यादव का नाम दर्ज किया गया. साथ ही अखिलेश की बेटी अदिति का नाम भी कार्ड में लिखा है. ऐसे में राजनीतिक और सामाजिक हलकों में यह चर्चा है कि यादव परिवार के बीच दूरियाँ खत्म हो गईं हैं. वे इस दुख की घड़ी में एकजुट हैं और अप