AMU में छात्र के कमरे से पिस्टल, गोली, नकली नोट और फेक डॉक्यूमेंट्स बरामद, पुलिस हैरान

अलीगढ़ में 06 अप्रैल को एफएम टॉवर पर झगड़े के बाद फायरिंग हुई थी. इसी के सिलसिले में AMU के छात्र शहबाज की तलाश में उसके कमरे पर दबिश दी गई. 32 बोर की पिस्टल की दो मैगजीन 15 बोर के 4 खोखे 9 एमएम की चली हुई गोली और नकली नोट जैसे आपत्तिजनक सामान मिले हैं.

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्र के कमरे से आपत्तिजनक चीजें बरामद Image Credit:

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में सर जियाउद्दीन हॉल के कमरा नंबर Z 37 में एमसीए के छात्र शहबाज उर्फ छोटू के कमरे से हथियार, गोलियां, जाली नोट और फर्जी दस्तावेज बरामद होने का मामला सामने आया है. यह छापेमारी क्वार्सी थाना क्षेत्र में 6 अप्रैल 2026 हुई फायरिंग की घटना से जुड़ी है. पुलिस और प्रॉक्टोरियल टीम की संयुक्त कार्रवाई में शहबाज मौके पर नहीं मिला, वह भाग गया. फिलहाल, कमरा सील कर दिया गया है और उसके खिलाफ सिविल लाइन थाने में FIR दर्ज की गई है.

क्या था मामला?

घटना 6 अप्रैल 2026 को सोमवार रात करीब 10:30 बजे अलीगढ़ के अनूपशहर रोड स्थित एफएम टॉवर इलाके में शादी समारोह के बाहर गाड़ी आगे-पीछे करने को लेकर झगड़ा हुआ. एएमयू के कुछ छात्रों ने बुजुर्ग शाहिद अली के साथ मारपीट की. पुलिस पहुंचने पर हमलावर भाग गए. फिर सुबह लगभग 4:30 बजे थाना क्वार्सी के आशियाना ग्रीन सोसाइटी के बाहर शाहिद अली के घर पर फिर हमला किया गया और फायरिंग की गई.

आरोपियों से पूछताछ में शहबाज का नाम आया था

आरोपियों मुख्य रूप से बुलंदशहर छतारी नारायणपुर निवासी अशरफ सुलेमान हॉल, एएमयू, एफएम टावर निवासी फैसल, मोहम्मद साकिब और उनके साथी शामिल थे. पुलिस ने इन तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. पूछताछ और सीसीटीवी फुटेज से शहबाज उर्फ छोटू का नाम सामने आया, जिसने फायरिंग में हिस्सा लिया था.शहबाज एएमयू में एमसीए द्वितीय वर्ष का छात्र है. वह शहंशाहाबाद का रहने वाला है. वह काफी समय से सर जियाउद्दीन हॉल में अवैध रूप से रह रहा था. उसने कमरे में पहले से रह रहे दो अन्य छात्रों को धमकाकर भगा दिया था और जबरन कब्जा कर लिया था.

पुलिस को शहबाज के कमरे से हथियार और नकली नोट मिले

सुबह को एसपी सिटी आदित्य बंसल, सीओ तृतीय सर्वम सिंह, क्वार्सी व सिविल लाइन पुलिस की टीम ने एएमयू प्रॉक्टोरियल टीम के साथ सर जियाउद्दीन हॉल के कमरा नंबर Z 37 में दबिश दी. शहबाज पुलिस आने की सूचना मिलते ही भाग गया. पुलिस कमरे की तलाशी में 32 बोर की पिस्टल की दो मैगजीन 15 बोर के 4 खोखे 9 एमएम की चली हुई गोली का आगे का हिस्सा, आठ मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, जो जांच में किसी अन्य छात्र का पाया गया. इसके अलावा डिजिटल साइन करने वाला पैड ओर 100 रुपये के छह नकली नोट भी शहबाज के कमरे से पुलिस को मिले.

कई फर्जी डॉक्यूमेंट्स की भी बरामदगी

शहबाज के नाम की सीबीएसई हाईस्कूल की दो फर्जी मार्कशीट भी मिली. इसमें एक में जन्मतिथि 1988, दूसरी में 1999 दर्ज है. दो नामांकन पत्र भी मिले हैं. इसमें से एक एएमयू का है, जिसमें 2024 में एमसीए द्वितीय वर्ष में रजिस्ट्रेशन दिखाया गया है. वहीं, दूसरे में अरुणाचल के किसी विश्वविद्यालय से 2021 में बीसीए का नामांकन दर्ज है. फिलहाल शहबाज की तलाश जारी है. एएमयू प्रॉक्टर प्रो. मो. नवेद खान ने कहा कि ऐसा लग रहा है कि शहबाज ने फर्जी डॉक्यूमेंट के सहारे दाखिला लिया है.

पुलिस ने क्या बताया?

एएमयू प्रॉक्टर प्रो. मो. नवेद खान ने आगे कहा कि शहबाज के सभी दस्तावेजों की जांच हो रही है. जरूरत पड़ी तो एएमयू स्तर से FIR के लिए तहरीर दी जाएगी. सीओ सर्वम सिंह का कहना है कि एफएम टॉवर पर झगड़े के बाद फायरिंग हुई थी. इसी के सिलसिले में शहबाज की तलाश में दबिश दी गई. उसके कमरे से आपत्तिजनक सामान बरामद हुआ. FIR कर जांच चल रही है.

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