UP के इस जिले से बने 12 PCS, पूजा ने बनाया टॉप 10 में जगह; मुरादाबाद की दीक्षा को 15वीं रैंक

यूपी पीसीएस परीक्षा में अंबेडकर नगर के 12 अभ्यर्थियों ने सफलता पाई, जिसमें पूजा तिवारी ने 7वीं रैंक और टॉप 10 में जगह बनाई. वहीं, मुरादाबाद की दीक्षा अग्रवाल ने 15वीं रैंक हासिल कर जिले का मान बढ़ाया है. इन सभी मेधावियों ने कड़ी मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया है, जो युवाओं के लिए प्रेरणादायक है.

अंबेडकर नगर की पूजा तिवारी Image Credit:

यूपी पीसीएस की परीक्षा में अंबेडकर नगर के अभ्यर्थियों ने झंडे गाड़ दिए हैं. इस जिले से 12 अभ्यर्थी एसडीएम बद के लिए चुने गए हैं. इनमें 7वीं रैंक हासिल करने वाली पूजा तिवारी भी शामिल हैं. पहले ही प्रयास में पूजा तिवारी ने ना केवल सफलता हासिल की, बल्कि अपने प्रथम प्रयास में ही टॉप 10 में जगह बनाने में सफल रही है. मूल रूप से अंबेडकर नगर की रहने वाली पूजा तिवारी यहां टांडा तहसील क्षेत्र के ग्राम तेंदुआ कला की रहने वाली हैं.

पूजा तिवारी इस समय गोरखपुर विश्वविद्यालय से पीएचडी कर रही . पूजा तिवारी की प्रारंभिक शिक्षा लखनऊ से हुई है. इनका परिवार अभी भी लखनऊ में ही रहता है. उनके पिता वन विभाग में दरोगा हैं. पूजा तिवारी की इस सफलता की खबर के बाद से ही उनके पैत्रिक गांव में जश्न का माहौल है. इस जिले से कुल 12 मेधावियों का यूपी पीसीएस में चयन हुआ है. इनमें जिले की सृष्टि चौधरी, सर्वेश वर्मा, अविरल वर्मा, विमलेश यादव, अभिषेक वर्मा, विपिन देव यादव, मयंक मौर्या, हर्ष सिंह, अभिनंदन सिंह, विष्णु कांत मिश्र, प्रिंस पटेल का चयन हुआ है.

UPSC में भी चयनित हुए विपिन

यूपी पीसीएस में चयनित विपिन देव यादव का चयन हाल ही में यूपीएससी में भी हो चुका है. यह एग्जाम यूपी पीसीएस के एग्जाम से पहले हुा था. इन सभी अभ्यथियों के चयन पर जिला पंचायत अध्यक्ष साधू वर्मा, सांसद लालजी वर्मा, एमएलसी हरि ओम पांडे, विधायक राम मूर्ति वर्मा, विधायक राम अचल राजभर, विधायक त्रिभुवन दत्त, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष मिथलेश त्रिपाठी आदि ने बधाई और शुभकामनाएं दी हैं.

दीक्षा बढ़ाया मुरादाबाद का मान

पीतल नगरी की होनहार बेटी दीक्षा अग्रवाल ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की परीक्षा में अपनी सफलता का परचम लहराया है. दीक्षा ने इस परीक्षा में 15वीं रैंक हासिल कर जिले का मान बढ़ाया है. दीक्षा अग्रवाल का चयन डिप्टी कलेक्टर (SDM) के लिए हुआ है. दीक्षा ने यह उपलब्धि बिना किसी कोचिंग के हासिल किया है. दीक्षा के मुताबिक उसने केवल सेल्फ स्टडी की और इस मुकाम को हासिल कर लिया. दीक्षा के पिता एक दुकान चलाते हैं और मां टीचर हैं.

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