पूर्वांचल बना उद्यमियों की पहली पसंद! UP के इस जिले में फैक्ट्री लगाएगी सीएट; 4000 करोड़ का आया निवेश

मशहूर टायर कंपनी सीएट पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के किनारे अमेठी में ₹4000 करोड़ का निवेश कर टायर फैक्ट्री लगाएगी. इससे 4000 से अधिक प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे. योगी सरकार में बेहतर कानून-व्यवस्था और परिवहन सुविधाओं के कारण अब उद्यमी नोएडा-गाजियाबाद के बजाय पूर्वांचल को चुन रहे हैं. इंडस्ट्रीज के आने से इस क्षेत्र में आर्थिक समृद्धि आएगी और स्थानीय पलायन रूकेगा.

अमेठी में सीएट लगाएगी फैक्ट्री Image Credit:

राष्ट्रीय राजधानी से नजदीक होने और ट्रांसपोर्टेशन की सुविधा की वजह से उत्तर प्रदेश का नोएडा व गाजियाबाद अब तक देश के तमाम उद्यमियों की पहली पसंद होते थे. लेकिन योगी राज में उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था सुधरी है. ट्रांसपोर्टेशन की सुविधाएं बेहतर हुई है. ऐसे में अब देश के बड़े उद्यमी पूर्वांचल के जिलों की ओर रूख करने लगे हैं. इसी क्रम में मशहूर टायर निर्माता कंपनी सीएट ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के किनारे अमेठी में करीब 200 एकड़ जमीन का सर्वे किया है.

यूपीडा और उद्योग विभाग के अधिकारियों के साथ सर्वे करने पहुंचे कंपनी के पदाधिकारियों ने बताया कि यहां करीब 4000 करोड़ रुपये का निवेश होगा. यहां लगने वाली टायर कंपनी में करीब 4000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, वहीं करीब इतने ही लोग अप्रत्यक्ष रोजगार से भी लाभांवित होंगे. फिलहाल कंपनी के अधिकारियों ने अमेठी के ऊंचगांव और सेवरा में अधिग्रहित जमीन को फैक्ट्री लगने के लिए उचित बताया है.

इन जिलों में भी आने वाली हैं कंपनियां

उद्योग विभाग के अफसरों के मुताबिक पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के किनारे कई बड़े उद्यमियों ने अपनी यूनिटें लगाने का प्रस्ताव दिया है. इन कंपनियों को यहां लाने के लिए यूपीडा और उद्योग विभाग ने जमीनों के अधिग्रण का काम शुरू कर दिया है. अधिकारियों के मुताबिक लखनऊ से गाजीपुर तक पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के किनारे कई जिलों में औद्योगिक गलियारा विकसित किया जा रहा है. निवेशक लगातार यहां अपनी औद्योगिक यूनिटों की स्थापना के लिए जमीन का सर्वे करने आ रहे हैं.

लोकल को ज्यादा फायदा

अधिकारियों के मुताबिक अमेठी के अलावा, अयोध्या, सुल्तानपुर, आजमगढ़, मऊ और गाजीपुर में भी कई कंपनियों ने फैक्ट्री लगाने की इच्छा जताई है. इनमें ज्यादातर ऑटो मोबाइल से जुड़ी कंपनियां हैं. इन कंपनियों के संचालन के लिए बड़े पैमाने पर मैनपॉवर की जरूरत होगी. जाहिर सी बात है कि लोकल कामगारों को प्राथमिकता मिलेगी. इससे क्षेत्र के लोगों का पलायन रूकेगा और क्षेत्र में आर्थिक समृद्धि आएगी. वहीं इन कंपनियों में काम करने के लिए बड़ी संख्या में लोग बाहर से भी यहां आएंगे. इससे अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे.

क्या कहते हैं अधिकारी?

अमेठी जिला उद्योग के असिस्टेंट उपायुक्त राजेंद्र भारती के मुताबिक क्षेत्र में उपलब्ध श्रमिक संसाधन, सुगम परिवहन व्यवस्था और पूर्वांचल एक्सप्रेस वे से मिलने वाली कनेक्टिविटी की वजह से बड़ी संख्या में उद्मियों ने इस क्षेत्र में आने की इच्छा जताई है. इसी क्रम में सीएट कंपनी ने अपनी फैक्ट्री के लिए जमीन का सर्वे किया है. इस कंपनी को डेढ़ सौ से दो सौ एकड़ जमीन चाहिए. उन्होंने बताया कि इन कंपनियों को यहां आने से मैनपॉवर आसानी से उपलब्ध हो सकेगा.

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