UP में बसेगा एक और ‘नोएडा’, गंगा एक्सप्रेसवे से बदलने वाली है इस जिले की किस्मत; क्या है सरकार की तैयारी?
गंगा एक्सप्रेसवे से सटे उत्तर प्रदेश के अमरोहा में एक नए औद्योगिक और आवासीय शहर का विकास हो रहा है. यूपीडा द्वारा हसनपुर तहसील क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण किया जा रहा है, जहां "नोएडा" की तर्ज पर अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित होंगी. यह शहर ग्लोबल निवेशकों को आकर्षित करेगा और गंगा के खादर क्षेत्र में विकास की नई लहर लाएगा.
उत्तर प्रदेश में गंगा एक्सप्रेसवे बनकर लगभग तैयार है. इस एक्सप्रेसवे का जल्द ही शुभारंभ होने वाला है. इस एक्सप्रेसवे से उत्तर प्रदेश में यातायात तो सुगम होगा ही, इससे लगते जिलों में विकास की आंधी भी चलने वाली है. इसकी शुरूआत उत्तर प्रदेश के अमरोहा से हो भी चुकी है. यहां नोएडा की तर्ज पर एक औद्योगिक शहर बसाने की तैयारी है. इसके लिए यूपीडा ने हसनपुर तहसील क्षेत्र में जमीन अधिग्रहण की कवायद शुरू कर दी है.
इस तहसील क्षेत्र में पहले 135 हेक्टेयर जमीन पर एक ग्रीन शहर बसाने की तैयारी की थी. इसके लिए सरकार ने 60 प्रतिशत से अधिक जमीन का अधिग्रहण भी कर लिया था, लेकिन गंगा एक्सप्रेसवे बनने के बाद इस ग्रीन शहर के प्रस्ताव को औद्योगिक ग्रीन गलियारा में तब्दील कर दिया गया है. इसी के साथ शहर का दायरा भी 135 हेक्टेयर से बढ़ाकर करीब 500 हेक्टेयर कर दिया गया है. जरूरत पड़ने पर इसका विस्तार 1000 हेक्टर तक किया जा सकता है.
इस शहर में क्या होगा खास?
सरकार की योजना के मुताबिक अभी तक यह एक आवासीय शहर का प्रोजेक्ट था, लेकिन अब इसे औद्योगिक कम आवासीय बनाया गया है. चूंकि पास से गंगा एक्सप्रेसवे गुजर रहा है, इसलिए सरकार इस शहर की मार्केटिंग ग्लोबल लेबल पर करते हुए यहां बड़े उद्यमियों को निवेश के लिए आमंत्रित करेगी. इस शहर में बड़े औद्योगिक और आवासीय सेक्टर विकसित किए जाएंगे. इसके लिए सड़कों से लेकर जलापूर्ति, सीवरेज एवं अन्य अत्याधुनिक सुविधाओं के लिए डिजाइनिंग का काम शुरू कर दिया गया है.
गंगा के खादर में आएगा विकास
प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक गंगा के खादर का यह इलाका अभी तक विकास से वंचित था, लेकिन अब इस क्षेत्र में जल्द ही विकास की आंधी चलने वाली है. इसके लिए हसनपुर तहसील क्षेत्र के करीब एक दर्जन गांवों की जमीन को सेक्टरों में बांटकर डवलपमेंट किया जाएगा. इनमें मंगरौला, रूस्तमपुर खादर और दौलतपुर कला, गांगटकोला, हाकमपुर, ढकिया खादर, गंगवार, बुरावली और शकरगढ़ी आदि गांव शामिल हैं.
ऐसा होगा शहर
अधिकारियों के मुताबिक इस प्रोजेक्ट के लिए करीब 400 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित होगी और करीब 100 एकड़ ग्राम सभा की जमीन को भी इसमें शामिल किया जाएगा. अधिकारियों के मुताबिक बड़े उद्योगों के आने से इस क्षेत्र से मैनफोर्स का पलायन तो रूकेगा ही, बाहर से यहां काम के लिए बड़ी संख्या में लोग आएंगे. इस लिए प्रोजेक्ट में औद्योगिक सेक्टरों के साथ ही इन सभी लोगों के रहने के लिए आवासीय सेक्टरों पर भी काम चल रहा है. इन सेक्टरों में इंटरनेशनल मानकों के मुताबिक सुविधाएं देने की योजना है.