आखिरी बार मांग में सिंदूर भरा और गिर पड़ा पति; एक साथ उठीं दो अर्थियां

औरैया में एक अत्यंत मार्मिक घटना सामने आई है, जहां पत्नी की मृत्यु के सदमे को पति सहन नहीं कर सका. अंतिम संस्कार के दौरान, पत्नी की मांग में आखिरी बार सिंदूर भरते समय पति को हार्ट अटैक आया और उसकी भी मृत्यु हो गई. इस दुखद घटना ने दो मासूम बच्चों को अनाथ कर दिया है.

पत्नी की मौत के सदमे से पति की हार्ट अटैक से मृत्यु Image Credit:

औरैया के दिबियापुर थाना क्षेत्र के मधवापुर गांव से रिश्तों को झकझोर देने वाली एक दर्दनाक घटना सामने आई है. टीबी से पीड़ित पत्नी की मौत का सदमा पति सहन नहीं कर सका. अंतिम संस्कार से पहले पत्नी की मांग में आखिरी बार सिंदूर भरने की रस्म निभाते समय पति को अचानक गिर पड़े और उनकी भी मौत हो गई. कुछ ही घंटों के भीतर पति-पत्नी दोनों के निधन से पूरे गांव में मातम छा गया.

जानकारी के अनुसार, मधवापुर गांव निवासी पिंकी (35) पिछले करीब 14 सालों से टीबी की बीमारी से जूझ रही थीं. उनका इलाज कानपुर के एक निजी अस्पताल में चल रहा था. सोमवार शाम अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और इलाज के दौरान उनका निधन हो गया. परिवार में शोक की लहर दौड़ गई और मंगलवार सुबह अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू हुईं.

पत्नी की मौत के बाद पूरी रात सदमे में थे पति

परिजनों ने बताया कि अंतिम विदाई की रस्म के दौरान पति श्यामल दास अपनी पत्नी की मांग में आखिरी बार सिंदूर भर रहे थे. इसी दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई. मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें संभालने की कोशिश की, लेकिन कुछ ही देर में उन्हें हार्ट अटैक आ गया. जब तक परिजन उन्हें अस्पताल लेकर जाते, उससे पहले ही उनकी मौत हो गई.

ग्रामीणों के अनुसार, पत्नी की मौत के बाद श्यामल दास पूरी रात गहरे सदमे में थे. मंगलवार सुबह जब अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही थीं, तभी यह दर्दनाक हादसा हो गया. देखते ही देखते एक ही घर से पति-पत्नी की दो अर्थियां उठीं, जिसे देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं.

दंपति के दो छोटे बेटे, प्रशासन से सहायता की मांग

जानकारी के मुताबिक, मृतक दंपति के दो छोटे बेटे हैं, जिनकी उम्र करीब 9 और 7 साल बताई जा रही है. माता-पिता दोनों के निधन के बाद मासूम बच्चे अनाथ हो गए हैं. अब उनके भविष्य को लेकर परिवार और ग्रामीण चिंतित हैं. ग्रामीणों ने प्रशासन से बच्चों की आर्थिक सहायता, शिक्षा और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की मांग की है.

फिलहाल पूरे मधवापुर गांव में शोक का माहौल है. यह घटना रिश्तों की गहराई और जीवन की अनिश्चितता का ऐसा मार्मिक उदाहरण बन गई है, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया है.

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