टैक्स विवाद में घर सील, बेटी को अंदर ही छोड़ा… अयोध्या में नगर निगम की बड़ी लापरवाही
अयोध्या में नगर निगम की बड़ी लापरवाही सामने आई है. टैक्स जमा न होने पर एक घर और दुकान को सील कर दिया गया, जबकि एक किशोरी घर के अंदर ही फंसी रह गई. परिजनों का आरोप है कि सभी को जबरन बाहर निकाला, जबकि एक बेटी को घर के अंदर ही छोड़ दिया गया.
अयोध्या से एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां नगर निगम की कथित लापरवाही ने एक परिवार को सड़क पर ला दिया. टैक्स जमा न होने पर घर और दुकान को सील कर दिया गया, लेकिन हैरानी की बात ये रही कि सीलिंग के वक्त घर के अंदर एक किशोरी मौजूद थी. परिजनों ने नगर निगम पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया है.
यग घटना अयोध्या के कोतवाली नगर क्षेत्र के फतेहगंज पुलिस चौकी इलाके की है. जहां नगर निगम की टीम ने टैक्स बकाया होने के आरोप में एक घर और दुकान को सील कर दिया. सीलिंग के दौरान घर के अंदर एक किशोरी मौजूद थी, जो दोपहर से ही बाहर निकलने की कोशिश करती रही, लेकिन दरवाज़े सील होने के कारण वह बाहर नहीं आ सकी.
सबको जबरन निकाला और बेटी को अंदर छोड़ा
परिजनों का आरोप है कि नगर निगम की टीम के साथ मौजूद महिला पुलिसकर्मी ने मां और बेटी को जबरन बाहर निकाला, जबकि एक बेटी घर के अंदर ही बंद रह गई. पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्होंने टैक्स की रकम अपने पटीदारों को दी थी, लेकिन उन्होंने पैसा लेकर टैक्स जमा नहीं किया, जिसकी सजा पूरे परिवार को भुगतनी पड़ रही है.
एक तरफ कड़ाके की ठंड में मां और बेटी सड़क पर रहने को मजबूर हैं, तो वहीं दूसरी ओर एक किशोरी भूखी-प्यासी घर के अंदर बंद है. परिजनों ने नगर निगम के महापौर और पुलिस प्रशासन को पूरे मामले की सूचना दी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी. मां और बेटी महापौर कार्यालय और आवास के चक्कर काटती रही हैं.
कार्यवाही के समय अंदर नहीं थी बच्ची, परिवार का षड्यंत्र
नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने बताया कि कारवाही के समय किसी बच्ची का घर में रहना नहीं पाया गया, शाम के दौरान सूचना मिली कि एक बच्ची अंदर फंसी है. उसके बाद हमारे द्वारा नगर निगम की टीम को भेजा गया और फिर से सील तोड़ कर देखा गया. जो प्रारंभिक जांच में किसी षड्यंत्र के रूप में बच्ची को अन्दर कराया गया था.
उन्होंने कहा कि मामले मे आगे की जांच की जा रही है. यानी पीड़ित पक्ष पर ही सील मकान में रात होने के इंतजार के बाद बच्ची को प्रवेश करवाने का आरोप लगाया गया है. वहीं, पीड़ित परिवार ने कहा कि हमने कही से कोई गलत कार्य किया है तो उसका वीडियो सार्वजनिक किया जाए. नगर निगम अपनी गलतियों को छुपाने के लिए गलत आरोप लगा रहा है.
