राम मंदिर में कैसे हुई चंदा चोरी? बताएंगे अनिल मिश्र, पूछताछ के लिए 70-80 लोगों को SIT को नोटिस
अयोध्या के राम मंदिर में चंदा चोरी की गहन जांच जारी है. SIT ने ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र समेत 70-80 लोगों को पूछताछ के लिए नोटिस भेजे हैं. पुलिस दानराशि के प्रबंधन, सुरक्षा में चूक और आंतरिक नियंत्रण प्रणाली की पड़ताल कर रही है. साक्ष्य जुटाने और दान के पूरे 'चेन' को खंगालने पर जोर है, ताकि दोषियों की पहचान कर जवाबदेही तय की जा सके.
अयोध्या में भगवान श्रीराम मंदिर में चंदा और चढ़ावा चोरी कैसे हुई? यह जानने के लिए पुलिस ने डॉ. अनिल मिश्रा ने 70-80 लोगों को पूछताछ के लिए तलब किया है. इन सभी को नोटिस भेज दिया गया है. इनमें श्रीराम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र समेत अन्य पदाधिकारी भी शामिल हैं. इन सभी से पूछताछ कर पुलिस यह भी जानने की कोशिश करेगी कि दानराशि के प्रबंधन, सुरक्षा और निगरानी में किस स्तर पर चूक हुई है.
जांच एजेंसी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक संदेह के दायरे में ट्रस्ट के शीर्ष पदाधिकारी है. उनसे दान पात्रों की निगरानी, नकदी की गणना, सीसीटीवी व्यवस्था, बैंकिंग प्रक्रिया और आंतरिक नियंत्रण प्रणाली से जुड़े कई अहम सवालों के जवाब पूछे जाएंगे. इस दौरान यह भी जानने की कोशिश होगी कि इतनी बड़ी वारदात केवल लापरवाही से हुई है या फिर इसमें ये पदाधिकारी भी शामिल रहे हैं. यह भी पता लगाया जाएगा कि इस अनियमितताओं की जानकारी किस स्तर तक थी.
साक्ष्य जुटाने पर फोकस
सूत्रों के मुताबिक अब तक की जांच में पुलिस और एसआईटी ने राम मंदिर में चंदा चोरी की पूरी स्क्रिप्ट तैयार कर ली है. इस इसमें पात्रों की भूमिका सामने आन बाकी है. इसी के साथ पुलिस और एसआईटी कड़ियों को जोड़ने में जुट गई है. मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी और पुलिस का फोकस इस बात पर भी है कि अनियमितता सामने आने के बाद भी समय रहते आवश्यक कार्रवाई क्यों नहीं की गई. संबंधित साक्ष्यों को इकट्ठा करने के लिए जांच टीमें आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी कर रही है.
दानराशि का चेन खंगाल रही पुलिस
सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसियां दानराशि के पूरे चेन को खंगाल रही हैं. इसमें देखा जा रहा है कि दानपात्रों से निकलकर चढ़ावे की रकम किन किन हाथों से गुजरते हुए कहां कहां पहुंचा. इस राशि को कहां ठिकाने लगाया गया. इसलिए जांच अब केवल गिरफ्तार कर्मचारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इनसे आगे बढ़ते हुए ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था, सुरक्षा तंत्र, दान प्रबंधन की कार्यप्रणाली और जिम्मेदार अधिकारियों व पदाधिकारियों तक पहुंच चुकी हैं.
ट्रस्ट को लेकर हो सकते हैं बड़े फैसले
एसआईटी और पुलिस की जांच का दायरा बढ़ने के साथ ही ट्रस्ट के भविष्य और प्रशासनिक ढांचे को लेकर भी चर्चा तेज है. हालांकि ट्रस्ट की ओर से कहा गया है कि जांच में पूरा सहयोग किया जा रहा है. एसआईटी और पुलिस तथ्यों के आधार पर जांच में लगातार आगे बढ़ रही है. एक तरफ एसआईटी अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने में जुटी है, वहीं पुलिस सबूत इकट्ठा करने का काम कर रही है. माना जा रहा है कि जल्द ही ट्रस्ट को लेकर बड़े प्रशासनिक फैसले हो सकते हैं.