राम मंदिर में चढ़ावा चोरी: ‘जीजा-साले’ ने बनाई संपत्ति, अविनाश ने जमा की नगदी; अब होगी ED-IT की एंट्री
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का बड़ा खुलासा हुआ है. 'जीजा-साले' लवकुश और अनुकल्प मिश्रा ने करोड़ों का दान चुराकर संपत्तियां बनाईं, वहीं अविनाश शुक्ला ने नगदी जमा की. पुलिस जांच के बाद अब मनी ट्रेल के लिए ईडी और आयकर विभाग की एंट्री होने वाली है, जिससे दोषियों पर सख्त कार्रवाई संभव होगी.
अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर में चढ़ावा चोरी को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. अयोध्या पुलिस की जांच में पता चला है कि मंदिर में सबसे बड़ी लूट ‘जीजा-साले’ यानी लवकुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा ने की. इस जोड़ी ने मंदिर में दान की रकम चुराकर संपत्तियां बनाई हैं. पुलिस ने इनकी आधा दर्जन से अधिक संपत्तियों की पहचान कर ली है. वहीं इस लूट गैंग का तीसरा किरदार अविनाश शुक्ला बना है. उसने मंदिर से चुराई रकम को नगद के रूप में जमा किया है. उसी की निशानदेही पर सबसे ज्यादा नगदी बरामद हुई है.
अयोध्या पुलिस की जांच में यह भी साफ हो गया है कि कब-कब और कितनी-कितनी रकम चोरी हुई है. इसी के साथ पुलिस ने यह भी पता लगा लिया है कि अब तक कितनी रकम चोरी हुई है. इस इनपुट के बाद मनी ट्रेल की जांच के लिए पुलिस ने ईडी और इनकम टैक्स विभाग से जांच कराने की तैयारी कर रही है. माना जा रहा है कि एसएसपी अयोध्या जल्द ही इस संबंध में इन केंद्रीय जांच एजेंसियों को पत्र लिख सकते हैं. इसके बाद मामला इन एजेंसियों को हैंडओवर कर दिया जाएगा.
महाकुंभ के दौरान हुई बड़ी चोरी
अयोध्या पुलिस को मिले इनपुट के मुताबिक राम मंदिर में आठो आरोपी शुरू से ही छोटी-मोटी चोरियां करते रहे हैं. लेकिन सबसे बड़ी चोरी इन्होंने महाकुंभ के दौरान की. इस दौरान महाकुंभ में आने वाले देश विदेश के श्रद्धालु राम मंदिर भी आए और बेशुमार दान किया, जिसकी रिकॉर्ड में एंट्री संभव नहीं थी. आरोपियों ने इसका खूब फायदा उठाया और क्षमता भर रकम बटोर कर ले गए. पुलिस का दावा है कि चोरी की पूरी साजिश सभी 8 आरोपियों ने ही मिलकर रची थी. हालांकि इनके ऊपर बाद में ट्रस्ट को शक हो गया था, लेकिन बदनामी के डर से मामले को दबा दिया गया.
मनी ट्रेल की जांच करेगी ED
अयोध्या पुलिस ने मामले की जांच लगभग पूरी कर ली है. लेकिन अभी भी इस मामले में मनी ट्रेल को समझना मुश्किल हो रहा है. ऐसे में पुलिस ने मामला ईडी को हैंडओवर करने पर विचार कर रही है. पुलिस के मुताबिक मनी ट्रेल और वित्तीय लेन-देन की गहराई से जांच ईडी कर सकेगी. वहीं, सबसे ज्यादा कैश अविनाश शुक्ला के पास से बरामद हुआ है, इसलिए मामले में आयकर विभाग को भी सूचित किया गया है.
मुश्किल में चंपत राय-अनिल मिश्रा
पुलिस और एसआईटी की जांच का दायरा बढ़ने के साथ ही चंपत राय और अनिल मिश्रा की मुश्किलें बढ़ गई हैं. पुलिस और एसआईटी ने इनसे पूछताछ भी की है. कहा है कि इन दोनों को अभी क्लीनचिट नहीं दी गई है. इसी के साथ जांच की आंच ट्रस्ट और उसकी कार्यप्रणाली तक पहुंच गई है. पुलिस और एसआईटी मंदिर में दान प्रबंधन व्यवस्था को भी खंगालने में जुटी है.