राम मंदिर में चढ़ावा चोरी: ‘कलंक लेकर नहीं जाउंगा…’ करीबियों से ऐसा क्यों बोले चंपत राय?

अयोध्या राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख चेहरे चंपत राय चढ़ावा चोरी उजागर होने के बाद सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूरी बनाए हुए हैं. वे एकांतवास में एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं. सूत्रों के अनुसार, चंपत राय ने करीबी लोगों से कहा कि उन्हें मुख्य आरोपी टिन्नू यादव से धोखे की उम्मीद नहीं थी, और वे अयोध्या से कलंक लेकर नहीं जाना चाहते.

चंपत राय Image Credit:

अयोध्या में राम मंदिर आंदोलन से लेकर भगवान श्रीराम के मंदिर के लिए भूमि पूजन और प्राण प्रतिष्ठा में अग्रणी भूमिका निभाने वाले चंपत राय चढ़ावा चोरी के उजागर होने के बाद बहुत कम नजर आ रहे हैं. रामलला के पटवारी कहे जाने वाले चंपत राय ने मंदिर के निर्माण में भी अहम भूमिका निभाई. अब वह खुद चढ़ावा चोरी की जांच की आंच में तपते नजर आ रहे हैं. उन्होंने सार्वजनिक कार्यक्रमों से भी दूरी बना ली है.

सूत्रों के अनुसार, वह इस समय वह एकांतवास में हैं. माना जा रहा है कि वह एसआईटी की अंतिम जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं. संभावना है कि वह रिपोर्ट सामने आने के बाद ही वह अपना मुंह खोलेंगे. उस समय वह अपना विस्तृत रूप से पक्ष भी रख सकते हैं. इस बीच उन्होंने अपने कुछ करीबी लोगों से बातचीत की है. इसमें चंपत राय ने साफ कहा कि वह अयोध्या से कलंक लेकर नहीं जाना चाहते. अयोध्या में उनकी सेवा पूरी हो चुकी है, मंदिर बन गया है, लेकिन अपने ऊपर लगे दाग के साथ वह यहां से विदा नहीं हो सकते.

कहा- ‘उसने’ मुझे धोखा दिया

चंपत राय के इस बयान को मौजूदा विवाद पर उनकी अब तक की सबसे भावुक प्रतिक्रिया माना जा रहा है. बताया जा रहा है कि अपने करीबियों से बातचीत में चंपत राय ने मुख्य आरोपी टिन्नू यादव पर नाराजगी जताई. कहा कि उसने उन्हें बहुत बड़ा धोखा दिया है. उससे इस तरह के धोखे की उम्मीद उन्हें बिल्कुल भी नहीं थी. 80 वर्षीय चंपत राय अभी तीर्थ क्षेत्र पुरम में रहते हैं. उनके कमरे में उनके बिस्तर के पास भगवान श्रीराम की एक छोटी प्रतिमा रखी है.

राम भरोसे चंपत

पिछले दिनों कुछ करीबी लोग उनके स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति पर चिंता जताने पहुंचे थे. उस समय चंपत राय ने भगवान राम की प्रतिमा की ओर इशारा किया. कहा कि मुझे किस बात की चिंता, अगर इन्होंने आरोप लगवाए हैं, तो ये ही हटवाएंगे भी. फिलहाल वह माहौल को देखते हुए सार्वजनिक टिप्पणी से बच रहे हैं.

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