30 से ज्यादा लोगों से पूछताछ, दान पात्र से बैंक तक हर कड़ी की जांच… राम मंदिर परिसर में 8 घंटे चली SIT की पड़ताल

अयोध्या राम मंदिर परिसर में SIT ने दान पात्रों, CCTV कैमरों और नकदी गिनती की व्यापक जांच की. टीम ने ट्रस्ट पदाधिकारियों, बैंक कर्मियों और सेवादारों से गहन पूछताछ की. SIT ने दान पात्र से बैंक तक हर कड़ी की जांच की. साथ ही कई बिंदुओं पर नाराजगी भी जताई.

राम मंदिर परिसर में 8 घंटे तक चली SIT की पड़ताल Image Credit: AI Generated

राम जन्मभूमि मंदिर परिसर में सोमवार दोपहर से देर रात तक विशेष जांच टीम (SIT) ने व्यापक छानबीन की. SIT की टीम ने राम मंदिर ट्रस्ट के दान पात्रों पर लगे CCTV कैमरों की जांच की, दान पात्रों से निकले नकद की गिनती का स्थलीय निरीक्षण किया. साथ ही ट्रस्ट पदाधिकारियों, बैंक कर्मियों और सेवादारों समेत तीन दर्जन लोगों से लंबी पूछताछ की.

SIT टीम दोपहर 2:50 बजे राम जन्मभूमि पहुंची और रात 10:30 बजे तक मंदिर परिसर में सक्रिय रही. टीम ने सबसे पहले दान पात्रों पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज और उनके रखरखाव की जांच की. इसके बाद दान पात्रों से प्राप्त नकदी की गिनती और उसकी प्रक्रिया का मौके पर ही निरीक्षण किया गया. जांच के दौरान SIT ने कई बिंदुओं पर नाराजगी भी जताई.

SIT की टीम आज रात अयोध्या में ही विश्राम करेगी

ट्रस्ट के मांग पर मुख्यमंत्री योगी ने SIT को जांच के लिए गठन किया था. SIT की टीम 2021 से अब तक के सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों की भी गहन समीक्षा कर रही है. पूछताछ के लिए ट्रस्ट परिसर में बड़ी संख्या में सेवादारों को बुलाया गया था. इस दौरान SIT टीम ने राम मंदिर ट्रस्ट के एक विशेष आमंत्रित सदस्य से करीब दो घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की.

हालांकि, अभी तक किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी को लेकर SIT, राम मंदिर ट्रस्ट या जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. SIT की टीम आज रात अयोध्या में ही विश्राम करेगी. कल सुबह टीम दोबारा राम मंदिर परिसर में जांच जारी रखेगी और शेष आरोपियों व संबंधित लोगों से पूछताछ करेगी.

सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला, CBI जांच की मांग

यह जांच राम मंदिर ट्रस्ट में दान प्रबंधन, वित्तीय लेन-देन और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जा रही है. पूरे मामले पर नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि यह अयोध्या के सर्वोच्च धार्मिक स्थल राम मंदिर से जुड़ा है. उधर यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है, जिसमें अदालत की निगरानी में CBI जांच और FIR दर्ज करने की मांग की गई है.

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