प्रधानाध्यापक ने छात्र से कराया तंत्र-मंत्र! परिजनों ने दर्ज कराई FIR, हैरान कर देगी कहानी
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में एक स्कूली शिक्षक पर छात्र से तंत्र-मंत्र कराने का सनसनीखेज आरोप लगा है. परिजनों के अनुसार, शिक्षक बच्चे को एक घर ले गए जहां मिठाई खिलाकर तिलक लगाया गया और पैर छूकर दक्षिणा दी गई. घर लौटने पर बच्चे ने पूरी बात बताई, जिसके बाद परिजनों ने शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जबकि शिक्षक आरोपों को निराधार बता रहे हैं.
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में एक सनसनीखेज खबर सामने आई है. यहां निजामाबाद थाना क्षेत्र के एक स्कूल टीचर पर एक बच्चे से तंत्र-मंत्र कराने का आरोप है. आरोप है कि टीचर खुद बच्चे की पढ़ाई छुड़ाकर पड़ोस के एक घर में ले गए थे, जहां घर के सभी लोगों ने बच्चे को मिठाई खिलाई, तिलक लगाया और पैर छूकर दक्षिणा दी. घर लौटकर बच्चे ने अपने परिजनों को पूरी कहानी बताई. इसके बाद परिजनों ने टीचर के खिलाफ थाने में तहरीर दी है.
पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. यह वारदात निजामाबाद थाना क्षेत्र में प्राथमिक विद्यालय सोढरी का बताया जा रहा है. जानकारी के मुताबिक यहां कोलहपुर गांव का रहने वाला एक छात्र 16 जुलाई को पढ़ने के लिए प्राथमिक विद्यालय सोढरी गया था. आरोप है कि स्कूल में पढ़ाई शुरू होने के कुछ देर बाद ही प्रधानाध्यापक शिवदरश शर्मा इस छात्र को लेकर पास के ही एक घर में गए. जहां बच्चे को मिठाई खिलाई गई और उसके माथे पर टीका लगाकर घर के सभी लोगों ने उसके पांच बार पैर छुए.
दक्षिणा में दिए 52 रुपये
बच्चे के परिजनों ने बताया कि इस टोटके के बाद बच्चे को दक्षिणा के तौर पर 52 रुपये भी दिए गए. घर लौटने पर बच्चे ने यह पूरी कहानी अपनी मां को बताया. यह सुनते ही उसके घर में हड़कंप मच गया. आनन फानन में परिवार के सभी लोग स्कूल टीचर के घर पहुंचे और पूछताछ की, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला. इसके बाद परिवार के लोग थाने पहुंचे और स्कूल टीचर के खिलाफ नामजद शिकायत दी. इस शिकायत के आधार पर पुलिसने मामला दर्ज किया है.
टीचर ने दी ये सफाई
मामला गरमाने पर टीचर शिवदरश शर्मा ने सफाई दी है. कहा कि छात्र लंच के समय बाहर गया था. उस समय पड़ोस में ही रहने वाले एक परिवार में उत्सव मनाया जा रहा था. जहां छात्र को भगवान का रूप मानकर लोगों ने उसकी पूजा की और मिठाई खिलाई. टीचर ने तंत्र-मंत्र की बात को खारिज किया. कहा कि बच्चे के परिजन अंधविश्वास में जी रहे हैं और बेवजह आरोप लगा रहे हैं. उधर, एसडीएम चंद्रप्रकाश सिंह ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है.
