पाठशाला है कि पशुशाला… स्कूल में टीचर ने बांधी बकरी, बच्चों से कटवाया चारा; BSA ने लिया कड़ा एक्शन

उत्तर प्रदेश के बिजनौर में एक सरकारी स्कूल की शिक्षिका ने अपनी बकरी स्कूल में बांधी और छात्रों से उसके लिए चारा कटवाया. यह घटना सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया. बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ने तुरंत कार्रवाई करते हुए शिक्षिका को निलंबित कर दिया है, और मामले की जांच के आदेश दिए हैं. इस मामले में फंड गबन के आरोप भी हैं.

टीचर ने स्कूल में बांधा बकरी

उत्तर प्रदेश में बिजनौर के एक सरकारी स्कूल में हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां एक महिला टीचर ने स्कूल में ना केवल अपनी बकरी लाकर बांध दी, बल्कि स्कूल में पढ़ने आए बच्चें से चारा तक कटवाया. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है. बेसिक शिक्षा अधिकारी ने आनन फानन में स्कूल टीचर को सस्पेंड करते हुए मामले की विभागीय जांच के आदेश दिए हैं.

मामला बिजनौर के प्राथमिक विद्यालय भिक्कावाला का है. बीएसए कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक इस स्कूल में तैनात एक अध्यापिका काशिमा खातून को विद्यालय परिसर में बकरा बांधने और छात्रों से जंगल से चारा कटवाने के आरोप हैं. प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद आरोपी टीचर को निलंबित कर दिया गया है. बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) सचिन कसाना ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं.

दो महीने पुराना है मामला

यह पूरा मामला बीते 28 मई 2026 का है. उस समय स्कूल टीचर ने बकरीद पर कुर्बानी के लिए बकरा खरीदा और स्कूल में लाकर बांध दिया था. जब तक यह बकरा रहा, तब तक स्कूल टीचर ने रोज बच्चों को जंगल में भेजकर उसके लिए चारा कटवाया. इसकी जानकारी होने पर अभिभावकों ने इसका विरोध किया और सीडीओ बिजनौर को शिकायत दी. इसमें स्कूल की चार दिवारी को मिले चार लाख चालीस हजार की रकम को खुर्द बुर्द करने का भी आरोप लगाया गया. मामले की जांच में आरोप सही पाए गए. इसके बाद आरोपी टीचर के खिलाफ कार्रवाई हुई है.

निलंबन के नियम तय

बीएसए बिजनौर सचिन कसाना ने अपने आदेश में टीचर के लिए निलंबन अवधि के दौरान नियम तय कर दिए हैं. इसमें उन्होंने कहा कि उन्हें केवल आधा वेतन मिलेगा. यह वेतन भी उन्हें तभी मिलेगा, जब वह इस बात का प्रमाण देंगी कि इस अवधि में वह किसी अन्य रोजगार, व्यापार या व्यवसाय में शामिल नहीं थीं. निलंबन के दौरान उन्हें अपने स्कूल से हटाकर ब्लॉक संसाधन केंद्र पुरैनी (कोतवाली) से संबद्ध किया गया है.

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