इस भाई-बहन के पीछे क्यों पड़ गया सांप? बहन को हफ्ते में दूसरी बार डसा, भाई पर 5 पर किया हमला
सांप एक भाई-बहन के पीछे ही पड़ गया है. बताया जा इस सांप ने बहन को इसी हफ्ते में दो बार डंस लिया. वहीं भाई को इसी महीने में पांच बार डंसा है. मामला बागपत के बिनौली गांव का है. अब सोशल मीडिया में इस घटना की खूब चर्चा हो रही है.
उत्तर प्रदेश के बागपत में एक हैरान करने वाला मामला है. यहां एक सांप एक भाई-बहन के पीछे ही पड़ गया है. बताया जा इस सांप ने बहन को इसी हफ्ते में दो बार डस लिया. वहीं भाई को इसी महीने में पांच बार डसा है. मामला बागपत के बिनौली गांव का है. अब सोशल मीडिया में इस घटना की खूब चर्चा हो रही है. लोग इस खबर को सुनकर हैरान है. लगातार हो रही इन घटनाओं से इस भाई-बहन में दहशत की स्थिति बन गई है. वहीं इनके परिवार वाले परेशान हैं.
जानकारी के मुताबिक युवती को सांप ने सोमवार की शाम को दूसरी बार डस लिया. आनन फानन में उसे बिनौली सीएचसी ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद मेरठ मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया है. युवती के परिजनों के मुताबिक 22 जुलाई को भी इस युवती को सांप ने डसा था. इसके अलावा युवती के भाई को तो इसी महीने 5 बार डस लिया. बिनौली में रहने वाले विनोद वाल्मीकि के मुताबिक सोमवार की शाम उनकी बेटी खुशी टॉयलेट के लिए गई थी. इस दौरान सांप ने उसे डस लिया.
भाई को भी पांच बार डंसा
उन्होंने बताया कि यही सांप उनके बेटे राजा के भी पीछे पड़ा है. राजा को सांप ने एक महीने के अंदर पांच बार डस चुका है. उन्होंने कहा कि उन्हें यही नहीं समझ में आ रहा कि सांप उनके दोनों बच्चों को ही क्यों बार-बार डस रहा है. हालात को देखते हुए परिजनों में दहशत की स्थिति है. परिवार के लोग पूरी-पूरी रात जागकर बिता रहे हैं. परिवार के सदस्यों को भी डर हो गया है कि कहीं उन्हें भी सांप न डस ले.
सर्पदंश से तीसरी के छात्र की मौत
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में भी सर्पदंस की एक घटना हुई है. यहां हैदरगढ़ कोतवाली क्षेत्र के देवगरपुर मजरे गांव में एक सात साल की बच्ची को सांप ने डस लिया. जिससे उसकी मौत हो गई. यह बच्ची गांव के सहावर प्राथमिक विद्यालय प्रथम में पढ़ने के लिए गई थी. जहां शौचालय के बाहर घूम रहे जहरीले सांप ने उसके ऊपर हमला किया. घटना की जानकारी मिलने पर गुस्साए परिजनों ने जमकर बवाल काटा. उनका आरोप है कि स्कूल में तैनात शिक्षा मित्र ने मामले को दबाए रखा. इसकी वजह से बच्ची को तत्काल इलाज नहीं मिल सका.