ड्राइविंग सीट से पंडित जी ने पढ़े मंत्र, पिछली सीट पर लेटे दूल्हे ने भरी दुल्हन की मांग… कार को क्यों बनाया मंडप?
उत्तर प्रदेश के बलिया में एक दुखद हादसे के बाद अनोखी शादी हुई. इस हादसे में दूल्हे के भाई की मृत्यु हो गई और दूल्हा खुद गंभीर रूप से घायल हो गया था. इसके बावजूद, परिवार ने तय किया कि शादी की रस्में पूरी होंगी. दूल्हे को कार में लेटाकर दुल्हन के घर लाया गया, जहां ड्राइविंग सीट पर बैठे पंडित जी ने मंत्र पढ़े और दूल्हे ने कार में ही दुल्हन की मांग भरी.
उत्तर प्रदेश के बलिया में एक अनोखी शादी हुई है. इस शादी की तस्वीरें और वीडियो इस समय सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रही हैं. इन तस्वीरों के वायरल होने की वजह भी है. दरअसल इस शादी में दूल्हा एक कार की पिछली सीट पर लेटा हुआ था और दुल्हन कार के बाहर खड़ी थी. ड्राइविंग सीट पर बैठे पंडित जी मंत्र पढ़ रहे थे और फिर दूल्हे ने लेटे-लेटे ही दुल्हन की मांग भर दी. मामला बलिया के बांसडीह थाना क्षेत्र के मझवा गांव की है.
जानकारी के मुताबिक बलिया में पकड़ी थाना क्षेत्र में भिटिया गांव के रहने वाले अंकित पांडेय की शादी बांसडीह थाना क्षेत्र में मझवा गांव की रहने वाली युवती प्रमिला तिवारी के साथ तय हुई थी. तय कार्यक्रम के मुताबिक शुक्रवार 8 मई को बारात निकलनी थी. इसके लिए दूल्हा अंकित अपने बड़े भाई सर्वजीत के साथ बाइक पर सवार होकर सैलून गया और वहां से तैयार होकर घर लौट ही रहा था कि एक स्कूल बस ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी. इसमें दोनों भाई गंभीर रूप से घायल हो गए थे.
बड़ी भाई की हो गई मौत
हादसे के वक्त अंकित के घर में मंगल गीत गाए जा रहे थे. इसी दौरान हादसे की खबर आई तो परिवार में मातम पसर गया. आनन फानन में दोनों भाइयों को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने दूल्हे के भाई सर्वजीत को मृत घोषित कर दिया. वहीं अंकित की हालत नाजुक देखकर अस्पताल में भर्ती कर लिया गया. इधर, परिस्थिति को देखते हुए बारात रद्द कर दी गई. दोनों पक्षों के लोग अस्पताल पहुंच गए.
फिर लिया ये फैसला
चूंकि परिवार के बड़े बेटे की मौत हो गई थी और दूसरे की हालत नाजुक थी. इसलिए अंकित के परिजनों ने शादी से मना कर दिया. हालांकि दुल्हन पक्ष के लोगों ने दूल्हा पक्ष के दुख में शामिल होकर उनका हमदर्द बन गया. इसी दौरान तय किया गया कि इसी हाल में शादी की रस्म पूरी हो. चूंकि दूल्हा चलने फिरने तो दूर, उठने बैठने में भी सक्षम नहीं था, इसलिए डॉक्टर से बात कर अंकित को गाड़ी में लेटाकर सभी लोग दुल्हन के घर पहुंचे और गाड़ी में ही सिंदूरदान की रस्म हुई और वापस दूल्हे को अस्पताल में भर्ती करा दिया गया.