एक तो भीषण गर्मी, दूसरे 5 दिन से जलापूर्ति ठप; बांदा में बूंद-बूंद पानी को मोहताज 5000 की आबादी

उत्तर प्रदेश का बांदा जिला 45°C से अधिक तापमान के बीच भीषण जल संकट से जूझ रहा है. पांच दिनों से जलापूर्ति ठप है, जिससे 5000 से अधिक निवासी बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं. बोरवेल की खराबी व सरकारी लापरवाही को इसका कारण बताया जा रहा है. शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न होने से लोगों में भारी रोष है, वे आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं.

बांदा में जलसंकट (सांकेतिक तस्वीर) Image Credit:

इस साल पड़ी भीषण गर्मी में उत्तर प्रदेश का जिला बांदा देश ही नहीं दुनिया के मानचित्र पर आ गया. देश और दुनिया में सबसे गर्म इस जिले में आज भी तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार है. एक तरफ यहां आसमान से आग बरस रही है, दूसरे, शहर में पांच दिन से जलापूर्ति व्यवस्था ठप है. आलम यह है कि शहर की 5000 से अधिक की आबादी को कंठ की प्यास बुझाने के लिए बूंद-बूंद पानी को भी तरसना पड़ा रहा है.

शहर के चिल्ला रोड स्थित सर्वोदय नगर, इंदिरा नगर तथा वार्ड संख्या 31 और 16 के हजारों निवासी एक हफ्ते से पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार क्षेत्र में जलापूर्ति जमालपुर बोरिंग ट्यूबवेल से की जाती है. इस ट्यूबवेल में इन दिनों कोई तकनीकी खराबी आ गई है. कुछ लोग इसे सरकारी लापरवाही बता रहे हैं. इसके चलते सर्वोदय नगर स्थित जलाशय और कुएं का पानी घरों तक नहीं पहुंच पा रहा है. परिणामस्वरूप इंदिरा नगर और आसपास के क्षेत्रों की जलापूर्ति भी पूरी तरह प्रभावित हो गई है.

दूर से ढोकर लाना पड़ रहा पानी

स्थानीय लोगों के मुताबिक घरों के नल सूखे पड़े हैं. महिलाएं और बच्चे घर में पानी की जरूरत को पूरा करने के लिए काफी दूर-दूर से ढोकर ला रहे हैं. चिंताजनक बात यह है कि इस भीषण गर्मी में लगातार एक हफ्ते तक संकट के बावजूद अधिकारियों ने सुधार की कोई कार्रवाई नहीं की है. यहां तक कि लगातार शिकायत मिलने के बाद भी जलापूर्ति में सुधार के लिए कोई प्रयास नहीं किए गए हैं.

लोगों में फैल रहा रोष

क्षेत्र के निवासी सुरेश, गुड्डन, राजू सिंह विश्वकर्मा, बिट्टन सोनी सहित बड़ी संख्या में लोगों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि आंदोलन की चेतावनी दी. कहा कि सरकार एक तरफ हर घर जल पहुंचाने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन यहां घरों में लगे नल तक पानी नहीं पहुंच रहा. यह स्थिति शहर के बीच बसे एक बड़े क्षेत्र का है, जहां हजारों लोग पानी के लिए भटक रहे हैं.

Follow Us