कांस्टेबल ने ASP अंशिका वर्मा को नहीं किया सैलूट, लेनी होगी 15 दिन की स्पेशल ट्रेनिंग; क्यों वायरल हो रहा मामला?
उत्तर प्रदेश के बरेली में ASP अंशिका वर्मा को सैल्यूट न करने पर एक कांस्टेबल को 15 दिन की विशेष ट्रेनिंग के लिए पुलिस लाइन भेजा गया है. यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जहां कुछ लोग इसे अनुशासन का मामला बता रहे हैं, तो कुछ सिपाही की सामान्य भूल. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कोई सजा नहीं, बल्कि नए आरक्षियों को वरिष्ठों की पहचान और अनुशासन सिखाने की सामान्य प्रक्रिया है.
उत्तर प्रदेश के बरेली में एडिशनल एसपी अंशिका वर्मा को सैलूट नहीं करना एक कांस्टेबल को भारी पड़ गया है. बरेली के आंवला थाने में तैनात इस नए आरक्षी को 15 दिन की अतिरिक्त ट्रेनिंग के लिए वापस पुलिस लाइन भेज दिया गया है. बताया जा रहा है कि हाल ही ट्रेनिंग पूरी होने के बाद इस कांस्टेबल को आंवला थाने में तैनाती मिली थी, लेकिन थाने का निरीक्षण करने सिविल में पहुंची एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा को वह पहचान नहीं पाया. इसकी वजह से उसने सैलूट भी नहीं किया.
यह पूरी घटना अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है. संबंधित आदेश पर लोग तरह-तरह की राय प्रकट कर रहे हैं. कोई इसे पुलिस के अनुशासन से जोड़कर देख रहा है, तो कोई नए सिपाही की सामान्य भूल बता रहा है. वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कोई सजा नहीं है. दरअसल, वरिष्ठ अधिकारियों की पहचान और उन्हें सैलूट करना आदि अनुशासन का विषय है और ट्रेनिंग में सिखाया जाता है.
क्या है मामला?
जानकारी के मुताबिक एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा आंवला थाने का निरीक्षण करने पहुंची थीं. उनके साथ पुलिस स्टाफ और सरकारी वाहन भी मौजूद था. थाने में निरीक्षण की तैयारी पहले से ही कर ली गई थी. सीओ आंवला नितिन कुमार, इंस्पेक्टर बीनू चौधरी समेत थाना स्टाफ वहां मौजूद था. उस समय थाने पर हाल ही में भर्ती हुए रिक्रूट आरक्षी परम सिंह की ड्यूटी थी. बताया जा रहा है कि आरक्षी परम सिंह सिविल में आईं एएसपी को पहचान नहीं पाया. इस बात पर एएसपी ने नाराजगी जताते हुए आरक्षी को अतिरिक्त ट्रेनिंग के लिए पुलिस लाइन भेजने का आदेश दिया.
आरक्षी ने दी ये सफाई
इंस्पेक्टर के मुताबिक आरक्षी हाल ही में ट्रेनिंग पूरी करके थाने में तैनात हुआ है. उसे अभी कई व्यवहारिक बातें सीखनी हैं. वहीं आरक्षी परम सिंह ने भी कहा कि वह एएसपी को पहचान नहीं पाया, इसलिए गलती हो गई. उसने कहा कि वह सिविल में थीं. कांस्टेबल ने माफी मांगते हुए कहा कि उसका अनादर करने का इरादा नहीं था. बावजूद इसके, विभागीय प्रक्रिया के तहत उसे मंगलवार से रिजर्व पुलिस लाइन भेज दिया गया है.
आदेश हो रहा वायरल
इस मामले में जारी आदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इसमें लिखा है कि अभिवादन न करने से यह प्रतीत होता है कि आरक्षी को उचित प्रशिक्षण नहीं मिला है. इसलिए उसे अतिरिक्त प्रशिक्षण दिया जाना जरूरी है. इस बात पर कई लोगों ने सवाल उठाए हैं. हालांकि वरिष्ठ अधिकारियों की कहना है कि नए आरक्षियों को समय-समय पर अतिरिक्त प्रशिक्षण देना सामान्य प्रक्रिया है. एएसपी अंशिका वर्मा ने भी कहा कि यह कोई सजा नहीं है.