गर्लफ्रेंड के महंगे शौक पूरे करने के लिए नर्सिंग कर्मी बन गया था बच्चा चोर, 60 हजार में मासूम को बेचने दिल्ली जा रहा था

बरेली में मेडिकल कॉलेज में स्टॉफ नर्स का काम करने वाला योगेश नाम का युवक अपनी गर्लफ्रेंड के महंगे शौक को पूरे करने के लिए बच्चा चोर बन गया. उसने बरेली के मनौना धाम से एक बच्चे को अपने साथी के साथ मिलकर किडनैप किया. फिर उस बच्चे को 60 हजार रुपये में बेचने के लिए दिल्ली के लिए रवाना हो गया. लेकिन दिल्ली पहुंचने से पहले ही बरेली पुलिस ने उसका और उसके साथी का हॉफ एनकाउंटर कर बच्चे की सकुशल बरामदगी कर ली.

बरेली में बच्चे के किडनैपर्स का पुलिस ने किया हाफ एनकाउंटर Image Credit:

बरेली में डेढ़ साल के मासूम बच्चे के अपहरण का मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है. इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. पूछताछ में सामने आया कि मेडिकल कॉलेज में स्टाफ नर्स की नौकरी करने वाला युवक योगेश जल्दी पैसा कमाने और अपनी गर्लफ्रेंड के महंगे शौक पूरे करने के लिए बच्चा चोरी के धंधे में उतर गया था. पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि इस गिरोह के तार बरेली मंडल के अलावा लखीमपुर खीरी और दिल्ली तक जुड़े हुए हैं. मुख्य सरगना की तलाश में पुलिस की तीन टीमें लगातार दबिश दे रही हैं.

पहले मंदिर में की रेकी, फिर मासूम को बनाया निशाना

गिरफ्तार आरोपी शाहजहांपुर निवासी योगेश कन्नौजिया ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसने एमएससी नर्सिंग की पढ़ाई की है और पिछले चार साल से मेडिकल कॉलेज व निजी अस्पताल में स्टाफ नर्स की नौकरी कर रहा था. इसी दौरान उसकी मुलाकात लखीमपुर खीरी निवासी उत्तम सिंह से हुई. उत्तम ने उसे बताया था कि जिन अमीर परिवारों के बच्चे नहीं होते, उन्हें छोटे बच्चों को बेचकर लाखों रुपये कमाए जा सकते हैं.

इस लालच में आकर योगेश ने अपने साथी बदायूं निवासी पवन चंदेल को साथ लिया. दोनों कई दिनों से ऐसे छोटे बच्चे की तलाश कर रहे थे जिसे आसानी से उठाया जा सके. 13 मई को दोनों पहली बार मनौना धाम स्थित श्याम मंदिर पहुंचे. वहां उन्होंने देखा कि मंदिर परिसर के पीछे झोपड़ी में कर्मचारी परिवार के साथ रहते हैं और बच्चे आसपास खेलते रहते हैं. वहीं सफाईकर्मी रमन का डेढ़ साल का बेटा ऋषभ उन्हें पसंद आ गया.

दोनों आरोपियों ने पहले पूरे इलाके की रेकी की. उन्हें समझ आ गया कि सुबह के समय मंदिर परिसर में भीड़ रहती है और बच्चों पर ज्यादा नज़र नहीं रहती. इसके बाद 24 मई की सुबह करीब छह बजे दोनों फिर मंदिर पहुंचे. उन्होंने बच्चों को टॉफी और 40 रुपये देकर अपने साथ चलने के लिए बहलाया. बड़े बच्चों को खीरा दिलाया गया, जबकि छोटे ऋषभ को गोद में उठा लिया गया. थोड़ी दूरी पर पवन बाइक लेकर खड़ा था. इशारा मिलते ही दोनों बच्चे को लेकर फरार हो गए.

दिल्ली में बच्चे को बेचने की थी तैयारी

पुलिस पूछताछ में योगेश ने बताया कि बच्चा दिल्ली में उत्तम सिंह को सौंपा जाना था. इसके बदले उन्हें करीब 60 हजार रुपये मिलने वाले थे. आरोपी बच्चे को लेकर फुलासी के रास्ते दिल्ली जाने की तैयारी में थे. रास्ते में उनकी बाइक हादसे का शिकार हो गई. दुर्घटना में दोनों आरोपियों के हाथ में चोट लगी, जबकि बच्चे के सिर में भी चोट आई. इसके बाद उन्होंने अपना इलाज कराया और बच्चे के सिर पर पट्टी भी बांधवाई ताकि किसी को शक न हो.

इसी दौरान पुलिस लगातार लोकेशन और सुराग जुटाने में लगी थी. पुलिस टीम ने पीछा किया तो आरोपी भागने लगे. खुद को घिरता देख उन्होंने पुलिस पर फायरिंग की कोशिश की. जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली एक आरोपी के पैर में लगी, जिसके बाद दोनों को दबोच लिया गया. पुलिस ने उनके कब्जे से तमंचे, कारतूस और बिना नंबर की बाइक बरामद की.

पुलिस खंगाल रही बच्चा चोरी का पूरा नेटवर्क

एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने बताया कि पुलिस अब मुख्य सरगना उत्तम सिंह की तलाश में जुटी है. उसके बारे में जानकारी मिली है कि वह दो मोबाइल फोन इस्तेमाल करता है और लंबे समय से इस धंधे से जुड़ा हो सकता है. पुलिस को आशंका है कि गिरोह पहले भी कई बच्चों की खरीद-फरोख्त कर चुका है.

पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि बच्चों को किन लोगों तक पहुंचाया जाता था और इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है. तीन अलग-अलग टीमें लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर और दिल्ली में दबिश दे रही हैं. अधिकारियों का कहना है कि मुख्य सरगना के पकड़े जाने के बाद कई बड़े खुलासे हो सकते हैं.

बेटे को सीने से लगाकर रो पड़ा परिवार

मासूम ऋषभ के सुरक्षित मिलने के बाद परिवार में खुशी लौट आई. बेटे को देखते ही मां-बाप की आंखों से आंसू निकल पड़े. पिता रमन ने बताया कि बच्चे के अपहरण के बाद से घर में किसी ने खाना तक नहीं खाया था. पूरा परिवार बदहवास था और हर पल बच्चे की सलामती की दुआ कर रहा था.

रमन ने बताया कि परिवार पहले से ही दुख में था, क्योंकि बड़े भाई की बेटी की हाल ही में मौत हुई थी. ऐसे में बेटे के गायब होने से पूरा परिवार टूट गया था. अब बच्चे के सुरक्षित वापस आने के बाद पूरे परिवार ने राहत की सांस ली और पुलिस का धन्यवाद किया.

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