बरेली में गौवंशों की मौत से सनसनी! 7-8 शव ट्रॉली में ले जा रहे थे, गौरक्षकों ने रोका; देर रात FIR
बरेली के कान्हा उपवन गौशाला में गौवंशों की मौत से हड़कंप मच गया है. पिछले तीन दिनों में कई गौवंश मृत पाए गए, जिनमें से आठ शव तिरपाल में छिपाकर ले जाते हुए पकड़े गए. गौरक्षकों के भारी हंगामे के बाद भूसा सप्लायर और गौशाला स्टाफ पर FIR दर्ज की गई है.
बरेली में नगर निगम द्वारा संचालित कान्हा उपवन गौशाला में गौवंशों की मौत का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया. सीबीगंज थाना क्षेत्र के नदोसी स्थित गौशाला में पिछले तीन दिनों के दौरान कई गौवंशों की मौत की बात सामने आई है. इसी बीच करीब 7 से 8 मृत गौवंशों के शवों को तिरपाल से ढककर ट्रैक्टर-ट्रॉली में ले जाते समय गौरक्षकों ने रोक ली.
ट्रॉली से शव मिलने के बाद मौके पर हंगामा शुरू हो गया. आरोप है कि गौशाला में चारे-पानी की उचित व्यवस्था नहीं थी और पशुओं को सड़ा हुआ भूसा खिलाया जा रहा था. कमजोर और बीमार गौवंश कीचड़ और गंदगी के बीच पड़े मिले. यह देखकर मौके पर मौजूद गौरक्षकों में नाराजगी फैल गई. वहीं, देर रात हंगामे के बाद FIR दर्ज की गई है.
सड़ चुका भूसा पशुओं को खिलाया जा रहा था
आरोप है कि शवों को बिना किसी पारदर्शी कार्रवाई के गुपचुप तरीके से बाहर ले जाकर दबाने की तैयारी थी. गो रक्षक शिकायतकर्ता निर्दोष राठौर के मुताबिक, मृत गौवंशों की हालत देखकर पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को सूचना दी गई. इसके बाद पुलिस टीम और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे.
गौरक्षकों ने अधिकारियों के सामने गौशाला की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल उठाए. आरोप है कि गौशाला के अंदर कई जगह भारी कीचड़ और गंदगी जमा थी. गौवंश दलदल के बीच रहने को मजबूर थे. पशुओं के लिए रखे गए भूसे की हालत भी खराब थी. आरोप है कि भूसा सड़ चुका था और इसके बावजूद उसे पशुओं को खिलाया जा रहा था.
देर रात हंगामे के बाद गौशाला स्टाफ पर FIR
मामले की जानकारी फैलने के बाद देर रात बड़ी संख्या में गौरक्षक और हिंदू संगठनों से जुड़े लोग मौके पर पहुंच गए. उन्होंने गौवंशों की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया. पुलिस और प्रशासनने समझाने का प्रयास किया, लेकिन गौरक्षक एफआईआर दर्ज करने और पूरे मामले की जांच की मांग पर अड़े रहे.
काफी देर तक चले हंगामे के बाद अधिकारियों ने कार्रवाई का भरोसा दिया. इसके बाद सीबीगंज थाने में भूसा सप्लाई करने वाले रचित अग्रवाल, फर्म आरके एंटरप्राइजेज, विशाल मल्होत्रा, गौशाला सुपरवाइजर विजय उर्फ बनवारी को नामजद किया गया है. इसके अलावा अज्ञात केयरटेकर और संचालक को भी मुकदमे में शामिल किया गया है.
सवालों के घेरे में नगर निगम की गौशाला व्यवस्था
शिकायतकर्ता ने पुलिस से मृत गौवंशों का पोस्टमार्टम कराए जाने और कार्रवाई की पूरी प्रक्रिया में गौरक्षकों को शामिल करने की मांग की है. उनका कहना है कि गौशाला नगर निगम द्वारा संचालित है, इसलिए यहां पशुओं के चारे, पानी और इलाज की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए. नगर निगम की गौशाला व्यवस्था भी सवालों के घेरे में आ गई है.