बरेली में आंधी-तूफान से पेट्रोल पंप की छत उड़ी, बाल-बाल बचे कर्मचारी
बरेली में आंधी-तूफान के चलते भारी तबाही देखने को मिली है. यहां तूफान के चलते एक पेट्रोल पंप की छत उखड़ गई. अचानक छत का हिस्सा उखड़ने से अफरा-तफरी मच गई, लेकिन राहत की बात यह रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ और कर्मचारी बाल-बाल बच गए.
बरेली में बुधवार देर रात आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने बरेली में जमकर तबाही मचाई है. कुछ ही मिनटों की तेज हवाओं ने शहर से लेकर देहात तक जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया. कहीं बिजली के खंभे टूट गए तो कहीं पेड़ सड़कों पर गिर पड़े. कई जगह होर्डिंग धराशायी हो गए और घरों में लगे सोलर पैनल भी उड़ गए . इतना ही नहीं बरेली के सैटेलाइट स्थित एक पेट्रोल पंप की छत पूरी क्षतिग्रस्त हो गई. सबसे ज्यादा असर बिजली व्यवस्था पर पड़ा. इससे शहर का बड़ा हिस्सा रातभर अंधेरे में डूबा रहा.
पेट्रोल पंप पर दिखा आंधी का सबसे खतरनाक असर
TV9 की टीम जब ग्राउंड जीरो पर पहुंची तो कई जगह तबाही के निशान साफ दिखाई दिए. एक पेट्रोल पंप पर तेज हवाओं के कारण शेड की छत उड़ गई. उस वक्त कर्मचारी और ग्राहक मौजूद थे. अचानक छत का हिस्सा उखड़ने से अफरा-तफरी मच गई, लेकिन राहत की बात यह रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ और कर्मचारी बाल-बाल बच गए. स्थानीय लोगों ने बताया कि आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि कुछ ही सेकेंड में पूरा नजारा बदल गया.
124 बिजली खंभे क्षतिग्रस्त
आंधी का सबसे बड़ा नुकसान बिजली विभाग को हुआ है. विभाग के अनुसार जिले में करीब 124 बिजली खंभे क्षतिग्रस्त हुए हैं. आठ बिजली उपकेंद्रों के प्रभावित होने से शहर के कई इलाकों की सप्लाई ठप हो गई. इसके अलावा करीब 150 पेड़ और उनकी शाखाएं बिजली लाइनों पर गिरने से फॉल्ट बढ़ गए. रातभर बिजली विभाग की टीमें मरम्मत में जुटी रही. लेकिन गुरुवार सुबह तक कई इलाकों में सप्लाई बहाल नहीं हो सकी.
बिजली गुल होते ही पानी का संकट गहराया, इन्वर्टर भी हुए जवाब
रातभर बिजली न आने से हजारों परिवारों को परेशानी झेलनी पड़ी. सुबह तक बिजली बहाल न होने के कारण कई मोहल्लों में पानी की समस्या भी खड़ी हो गई. लोगों के इन्वर्टर डिस्चार्ज हो गए और गर्मी के बीच उन्हें बिना पंखे और कूलर के रात बितानी पड़ी. कई परिवार सुबह पानी भरने के लिए इधर-उधर व्यवस्था करते नजर आए.
राजेंद्र नगर से इज्जतनगर तक लोग परेशान
राजेंद्र नगर, इज्जतनगर, सनसिटी, महानगर, रामगंगानगर समेत कई इलाकों में बिजली संकट सबसे ज्यादा देखने को मिला. इसके अलावा करीब 50 फीडरों पर लोकल फॉल्ट के चलते सप्लाई बाधित रही. लोगों ने रातभर बिजली विभाग के हेल्पलाइन नंबरों पर शिकायतें दर्ज कराईं, लेकिन नुकसान ज्यादा होने के कारण बहाली में समय लगा.
पेड़, होर्डिंग और सोलर पैनल टूटे, कई लोग हुए घायल
तेज हवाओं के कारण जिले के अलग-अलग इलाकों में पेड़ गिरने और होर्डिंग टूटने की घटनाएं सामने आईं. कुछ जगहों पर सोलर पैनल भी टूट गए. कई लोग इन हादसों में घायल हुए हैं. सड़कों पर गिरे पेड़ों और होर्डिंग की वजह से यातायात भी प्रभावित रहा. नगर निगम और प्रशासन की टीमें देर रात से ही रास्ते साफ कराने में जुटी रहीं.
तबाही के बाद सामान्य हालात बहाल करने की कोशिश
आंधी थमने के बाद बिजली विभाग, नगर निगम और प्रशासन ने राहत कार्य तेज कर दिए हैं. क्षतिग्रस्त खंभों को बदलने, गिरे पेड़ों को हटाने और बिजली आपूर्ति बहाल करने का काम लगातार जारी है. अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित इलाकों में जल्द से जल्द व्यवस्थाएं सामान्य करने की कोशिश की जा रही है. हालांकि आंधी ने एक रात में ही बरेली को ऐसा जख्म दिया है, जिसकी तस्वीरें गुरुवार सुबह तक शहर के अलग-अलग हिस्सों में दिखाई देती रहीं.