ओमान में हुए अमेरिकी हमले में देवरिया के शिवानंद की मौत, 9 जून से थे लापता

देवरिया के सुरौली गांव के रहने वाले शिवानंद चौरसिया सिंगापुर की एक शिपिंग कंपनी के पोत पर वेल्डर के रूप में काम करते थे. उनका पोत 9 जून को होर्मुज क्षेत्र के पास से गुजर रहा था, तभी उसपर अमेरिकी सेना ने हमला कर दिया. इस हमले में शिवानंद की जान चली गई है. मौत की सूचना मिलते ही शिवानंद के परिवार में कोहराम मच गया है.

ओमान में हुए अमेरिकी हमले में देवरिया के शिवानंद की मौत Image Credit:

यूपी के देवरिया जिले के सुरौली थाना क्षेत्र के सुरौली गांव के रहने वाले भारतीय नाविक शिवानंद चौरसिया की ओमान तट के निकट एक व्यावसायिक पोत पर हुए अमेरिकी हमले में मौत हो गई. घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया. पूरे गांव में शोक की लहर है. हर कोई गमगीन है.

होर्मुज क्षेत्र के पास हमले में हुई मौत

शिवानंद चौरसिया सिंगापुर की एक शिपिंग कंपनी के पोत पर वेल्डर के रूप में कार्यरत थे. करीब सात महीने पहले वह नौकरी के सिलसिले में घर से गए थे. बताया जा रहा है कि उनका पोत होर्मुज क्षेत्र के पास से गुजर रहा था, तभी उस पर हमला हुआ, जिसमें शिवानंद की जान चली गई.

छोटे भाई को मिली शिवानंद की मौत की जानकारी

घटना की जानकारी सबसे पहले दुबई में कार्यरत उनके छोटे भाई रामप्रवेश चौरसिया को मिली. गुरुवार यानी 11 जून की सुबह उन्होंने मोबाइल फोन के जरिए परिवार को इस दुखद खबर से अवगत कराया. बाद में जिला प्रशासन ने भी स्वजन को घटना की पुष्टि की. सूचना मिलते ही घर में चीख-पुकार मच गई और परिजन बदहवास हो गए.

परिवार में सबसे बड़ थे शिवानंद

मृतक शिवानंद अपने परिवार के बड़े बेटे थे. परिवार में पिता रामजी चौरसिया, माता कलावती देवी, पत्नी सुशीला, पांच वर्षीय पुत्र राजवीर और दो वर्षीय पुत्री वानिका हैं. घटना की खबर फैलते ही गांव और आसपास के क्षेत्रों के लोग शोक संवेदना व्यक्त करने उनके घर पहुंचने लगे.

पत्नी से बात के बाद नॉट रीचेबल आ रहा था फोन

तहसील प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और परिजनों को ढाढ़स बंधाया. पूरे गांव में मातम का माहौल है और लोग सरकार से मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता तथा हरसंभव मदद देने की मांग कर रहे हैं. परिजनों ने बताया की आखिरी बार 9 जून को शिवानंद की उनकी पत्नी सुशीला से आखिरी बार बात हुई थी. उसके बाद से उनका फोन नॉट रीचेबल जा रहा था.

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