बरेली पुलिस ने मनोज जयसवाल समेत 5 लोगों को क्यों घोषित किया माफिया?

बरेली पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर मनोज जयसवला समेत उसके 4 अन्य साथियों को माफिया घोषित कर दिया है. मनोज जायसवाल के खिलाफ पहले से ही कई गंभीर मामले दर्ज हैं. उसके आपराधिक इतिहास और गिरोह की गतिविधियों को देखते हुए हिस्ट्रीशीट खोली गई थी. अब गिरोह पर और सख्ती करते हुए माफिया घोषित किया गया है.

मनोज जयसवाल समेत 5 लोगों को माफिया घोषित किया गया Image Credit:

बरेली में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. एसएसपी अनुराग आर्य के आदेश पर शहर के ग्रीन पार्क कॉलोनी निवासी हिस्ट्रीशीटर मनोज जायसवाल और उसके चार साथियों को माफिया घोषित कर दिया गया है. इसके साथ ही पूरे गिरोह की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए बारादरी इंस्पेक्टर को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है. पुलिस का कहना है कि गिरोह लंबे समय से अवैध शराब के कारोबार में सक्रिय रहा है और इससे करोड़ों रुपये का आर्थिक लाभ अर्जित किया गया है.

दरअसल मनोज जायसवाल के खिलाफ पहले से कई गंभीर मामले दर्ज हैं. उसके आपराधिक इतिहास और गिरोह की गतिविधियों को देखते हुए हिस्ट्रीशीट खोली गई थी. अब गिरोह पर और सख्ती करते हुए माफिया घोषित किया गया है ताकि अवैध कारोबार पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके. पुलिस का मानना है कि इस कार्रवाई से गिरोह के अन्य सदस्यों और उनसे जुड़े लोगों पर भी दबाव बनेगा.

चार साथियों पर भी शिकंजा, संपत्तियों की होगी जांच

मनोज जायसवाल के साथ जिन लोगों को माफिया घोषित किया गया है, उनमें उन्नाव के गांधीनगर निवासी अशोक दीक्षित, इज्जतनगर क्षेत्र के निवासी अजय जायसवाल, आजमगढ़ के अतरौलिया निवासी अरुण कुमार पांडेय और फतेहगंज पश्चिमी क्षेत्र के बेहटा गांव निवासी संजय कुमार शामिल हैं. पुलिस अब इन सभी की गतिविधियों और आर्थिक स्रोतों की जांच करेगी.

SSP अनुराग आर्य ने बताया कि गिरोह के सदस्यों की चल-अचल संपत्तियों का दोबारा चिह्नीकरण कराया जा रहा है. जांच के दौरान यदि कोई अवैध रूप से अर्जित संपत्ति सामने आती है तो उसके खिलाफ कुर्की की कार्रवाई की जाएगी. पुलिस की टीमें विभिन्न जिलों में जाकर भी जानकारी जुटाएंगी. जरूरत पड़ने पर उन्नाव और आजमगढ़ में भी स्थानीय पुलिस की मदद से कार्रवाई की जाएगी.

सहारनपुर शराब घोटाले से जुड़ा है मामला

मनोज जायसवाल का नाम चर्चित सहारनपुर टपरी डिस्टलरी शराब घोटाले में भी सामने आया था. इस मामले में करोड़ों रुपये के राजस्व नुकसान का आरोप लगा था. जांच के बाद मनोज जायसवाल, अजय जायसवाल समेत कई लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी. बताया जाता है कि इस मामले में लखनऊ की एसआईटी थाने में भी मुकदमा दर्ज है.

मनोज जयसवाल की संपत्ति हुई थी कुर्क

कुछ समय पहले सहारनपुर पुलिस ने बरेली पुलिस के सहयोग से मनोज जायसवाल की संपत्तियों को कुर्क करने की कार्रवाई की थी. अब माफिया घोषित किए जाने के बाद पुलिस गिरोह की आर्थिक गतिविधियों पर और गहराई से नज़र रखेगी. एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि मनोज जायसवाल समेत पांच लोगों को अवैध शराब माफिया के रूप में चिह्नित किया गया है. इनके सहयोगियों और नेटवर्क की भी जानकारी जुटाई जा रही है.

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