बरेली में घर-प्लॉट खरीदने का बड़ा मौका, 267 हेक्टेयर में बस रही नई टाउनशिप

बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) लखनऊ-दिल्ली हाईवे पर 267 हेक्टेयर में 'सप्तनाथ इको-सिटी' विकसित कर रहा है. यह BDA की अब तक की सबसे बड़ी टाउनशिप होगी. EWS-LIG वर्ग के लिए भी घर प्रस्तावित हैं. BDA का लक्ष्य दिवाली तक इसे लॉन्च करना है.

BDA उपाध्यक्ष सौम्या पांडे Image Credit:

अगर आप दिवाली से पहले बरेली में अपना घर या प्लॉट खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) की नई टाउनशिप आपके लिए खास हो सकती है. लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर करीब 267 हेक्टेयर जमीन में सप्तनाथ इको-सिटी विकसित करने की तैयारी चल रही है. BDA का दावा है कि यह प्राधिकरण की अब तक की सबसे बड़ी टाउनशिप होगी.

BDA की उपाध्यक्ष सौम्या पांडे के मुताबिक, रामगंगा नगर और ग्रेटर बरेली आवासीय योजना के बाद अब इस बड़े प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है. फिलहाल योजना प्लानिंग, डिजाइनिंग और आपसी सहमति से जमीन लेने के चरण में है. सभी जरूरी मंजूरियां और रेरा पंजीकरण पूरा होने के बाद इसे खोलने की तैयारी है. BDA का लक्ष्य दिवाली के आसपास इसे लॉन्च करने का है.

नाथ नगरी की पहचान पर तैयार होगी टाउनशिप

बरेली को नाथ नगरी के नाम से भी जाना जाता है. इसी पहचान को ध्यान में रखते हुए ‘सप्तनाथ इको-सिटी’ की थीम तैयार की जा रही है. टाउनशिप में 7 नाथ मंदिरों की थीम पर सात बड़े पार्क विकसित किए जाएंगे. इसके अलावा प्रवेश द्वार को भगवान शिव के त्रिनेत्र और त्रिशूल की थीम पर तैयार किया गया है.

BDA के मुताबिक टाउनशिप को केवल घर और प्लॉट की योजना के तौर पर नहीं, बल्कि आधुनिक सुविधाओं वाली पूरी आवासीय सिटी के रूप में विकसित करने की तैयारी है. इसमें रहने वाले लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए कई सुविधाएं एक ही जगह मिल सकेंगी.

नहर के दोनों तरफ ग्रीन कॉरिडोर, EWS-LIG घर

‘सप्तनाथ इको-सिटी’ में एक नहर भी गुजर रही है. इसके दोनों तरफ पार्क, वॉकवे और ग्रीन बेल्ट विकसित करने की योजना है. टाउनशिप को जीरो वेस्ट और इको-सिटी मॉडल पर विकसित करने की बात कही गई है. इसमें बड़े खुले स्थान, हरियाली और लैंडस्केपिंग पर भी जोर रहेगा.

इस योजना में अलग-अलग तरह के प्लॉट प्रस्तावित हैं. आवासीय प्लॉट के साथ कमर्शियल, पब्लिक और सेमी-पब्लिक उपयोग के प्लॉट भी होंगे. स्कूल और नर्सिंग होम के लिए भी जगह रखी जाएगी.

खास बात यह है कि योजना में केवल बड़े और मध्यम वर्ग के लिए ही नहीं, बल्कि EWS और LIG वर्ग के लिए भी आवासीय प्लॉट और मकान प्रस्तावित हैं. इसके अलावा वेलनेस जोन, वॉकवे और मिनी गोल्फ कोर्स जैसी सुविधाएं भी विकसित करने की योजना है.

दिवाली के शुभ अवसर पर लोगों को तोहफा

BDA उपाध्यक्ष सौम्या पांडे ने बताया कि जमीन का अर्जन आपसी सहमति से किया जा रहा है और इसे जल्द पूरा करने का प्रयास है. सेक्टरों का विकास और RERA पंजीकरण होने के बाद लोगों के लिए प्लॉट और आवासीय सुविधाएं खोली जाएंगी. BDA की कोशिश है कि दिवाली के शुभ अवसर पर लोगों को ‘सप्तनाथ इको-सिटी’ का तोहफा दिया जा सके.

Follow Us